संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के काशीपुर में सत्संग के दौरान हजारों की संख्या में उमड़ा जनसमूह

काशीपुर। कुंडा चैराहा के निकट कृपाल आश्रम में संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के सत्संग को सुनने के लिए हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा। आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व रखने वाले काशीपुर शहर में इस पावन अवसर पर भारत और विदेशों से आए हजारों भाई-बहनों के एकत्रित होने से एक दिव्य और उत्साहपूर्ण वातावरण छा गया।
इस दौरान मेयर दीपक बाली ने संत राजिन्दर सिंह जी महाराज का स्वागत कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत में माता रीटा जी ने संत सूरदास जी की वाणी से एक भजन प्रस्तुत कर किया। तत्पश्चात संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने अपनी हृदयस्पर्शी तथा प्रभावशाली वाणी में कहा कि हम सब प्रभु के ही बच्चे हैं लेकिन उनसे दूर होने और इस माया की दुनिया की दलदल में धंसे होने के कारण हमारे अंदर कई प्रकार के विकार आ गए हैं। जिस करके हम अनेक अवगुणों और गलतियों से भर गए हैं। उन्होंने कहा कि 84 लाख योनियों में मानव चोला ही सर्वोत्तम है, जिसमें हम अपने आपको जान सकते हैं और प्रभु को पा सकते हैं। उनके प्रवचन को सुनने के लिए सिर्फ काशीपुर और भारत के विभिन्न राज्यों से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी भाई-बहन आए हुए थे।सत्संग के उपरांत संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने कई नए जिज्ञासु भाई-बहनों को प्रभु की ज्योति और श्रुति का अनुभव देते हुए आध्यात्मिक दीक्षा प्रदान की। काशीपुर के सत्संग कार्यक्रम के दौरान रक्तदान शिविर और जरूरतमंद भाई-बहनों के लिए मुफ्त वस्त्र-वितरण शिविर का भी आयोजन किया गया।
