75 वर्ष के नाना पाटेकर का निधन, उत्तराखंड से जुड़ी उनकी यादें फिर हुईं ताजा

देहरादून। 75 वर्ष की उम्र में अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से उत्तराखंड से जुड़ी उनकी यादें भी ताजा हो गईं। ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में 29 सितंबर 2022 को गंगा आरती में शामिल हुए नाना पाटेकर ने जीवन को लेकर ऐसी बात कही थी, जो अब उनके निधन के बाद और भी अर्थपूर्ण लग रही है। गंगा की धारा और आरती की लौ के बीच उन्होंने कहा था कि अच्छे कपड़े और दिखावे से जीवन में कुछ हासिल नहीं होता, बल्कि इंसान के भीतर जो है, वही उसका वास्तविक गहना है। नाना पाटेकर उत्तराखंड में एक मराठी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में पहुंचे थे। चमोली की नीती घाटी, जोशीमठ, देहरादून और ऋषिकेश में उन्होंने समय बिताया। शूटिंग के दौरान पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता और यहां के लोगों की सादगी ने उन्हें प्रभावित किया था। परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा था कि उन्हें अपने अंदर बदलाव महसूस हो रहा है। श्रद्धालुओं के बीच बैठे नाना का वह अंदाज उनके फिल्मी स्टारडम से बिल्कुल अलग था। गंगा किनारे कुछ देर के लिए अभिनेता की पहचान पीछे छूट गई और एक संवेदनशील इंसान सामने दिखाई दिया। उत्तराखंड प्रवास के दौरान नाना पाटेकर ने पहाड़ों में घर बनाकर रहने की इच्छा भी जताई थी। स्थानीय लोगों और सेना के जवानों से उनकी मुलाकात भी चर्चा में रही। देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के दौरान उन्होंने उत्तराखंड के लोगों की तारीफ की थी। नाना पाटेकर का उत्तराखंड से यह जुड़ाव अब उनकी स्मृतियों का हिस्सा है। पर्दे पर उनकी दमदार आवाज और संवाद हमेशा याद किए जाएंगे, लेकिन ऋषिकेश में गंगा आरती के दौरान कही उनकी बात शायद सबसे ज्यादा याद रहेगीकृइंसान की असली पहचान उसके बाहरी दिखावे में नहीं, बल्कि उसके भीतर होती है।
