उत्तराखंड के राज्य सभा सांसदों की 92 प्रतिशत सांसद निधि खर्च होने को शेष
सांसद निधि में से 65 प्रतिशत से अधिक 27 करोड़ जारी ही नहीं करा सके
अनिल बलूनी की 90 प्रतिशत, डा0 कल्पना सैनी की 96 प्रतिशत तथा नरेश बंसल की 93 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकी खर्च
उत्तराखंड के राज्यसभा सांसदों की 92 प्रतिशत सांसद निधि दिसम्बर 2023 तक खर्च नहीं हो सकी। उसमें से 65 प्रतिशत से अधिक की सांसद निधि भारत सरकार से जारी ही नहीं करा सके हैं। राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी सांसद निधि खर्च करने में राज्य सभा सांसदों में सबसे आगे तथा डाॅ0 कल्पना सैनी सबसे पीछे रही हैं।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट ने उत्तराखंड के ग्राम विकास आयुक्त कार्यालय से सांसद निधि खर्च सम्बन्धी सूचना मांगी थी जिसके उत्तर में लोक सूचना अधिकारी/उपायुक्त (प्रशासन) हेमंती गुंजियाल द्वारा अपने पत्रांक 2623 के साथ सांसद निधि खर्च के दिसम्बर 2023 के विवरण उपलब्ध कराये गये है जिसमें दिसम्बर 2023 के अंत तक की उत्तराखंड के राज्य सभा सांसदों की सांसद निधि खर्च का विवरण दिया गया है।
श्री नदीम को उपलब्ध विवरणों के अनुसार उत्तराखंड के 3 राज्यसभा सांसद कुल 41.50 करोड़ की सांसद निधि प्राप्त करने के पात्र है लेकिन उन्हें पिछली सांसद निधि किस्त के खर्च सम्बन्धी प्रमाण, आॅडिट रिपोर्ट आदि प्राप्त न होने के कारण 27 करोड़ जो कुल सांसद निधि का 65 प्रतिशत है जारी ही नहीं हुई है जबकि भारत सरकार से प्राप्त 14.50 करोड़ की सांसद निधि में 44.69 लाख ब्याज जोड़कर कुल 41 करोड़ 94 लाख 69 हजार की सांसद निधि में से दिसम्बर 2023 तक केवल 3 करोड़ 7 लाख 40 हजार की सांसद निधि ही खर्च हो सकी। कुल 92 प्रतिशत से अधिक 38 करोड़ 87 लाख 29 हजार की सांसद निधि खर्च होने को शेष है।
31 दिसम्बर 2023 तक राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी की 22 करोड़ में से 5 करोड़, नरेश बंसल 12 करोड़ में से 2 करोड़, डा0 कल्पना सैनी सभी 7.5 करोड़ की सांसद निधि भारत सरकार से जारी हो चुकी है।
श्री नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने भारत सरकार से जारी 500 लाख की सांसद निधि व उस पर 40.13 लाख ब्याज सहित कुल उपलब्ध 540.13 लाख से 142.98 लाख रूपये अधिक 683.10 लाख के प्रस्ताव तो स्वीकृत करा दिये है लेकिन इनके प्रस्तावों में से 467.36 लाख की धनराशि अवमुक्त नहीं हो सकी हैै, इनकी 11.75 लाख की धनराशि कार्यदायी संस्थाओं पर भी शेष है। सांसद निधि खर्च होने को शेष कुल धनराशि 2036.13 लाख. (कुल की 90.89 प्रतिशत) है।
नरेश बंसल ने भारत सरकार से जारी 2 करोड़ की सांसद निधि में से 173.47 लाख के प्रस्ताव ही स्वीकृत कराये हैं तथा 26.53 लाख स्वीकृति हेतु शेष है जबकि 14.25 लाख अवमुक्त होने को शेष है तथा 83.31 लाख कार्यदायी विभागों पर अवशेष है। कुल 1124.09 लाख (93.67 प्रतिशत) खर्च होने को शेष है।
डाॅ0 कल्पना सैनी को जारी 750 लाख व उस पर ब्याज 4.56 लाख सहित कुल उपलब्ध 754.56 लाख उपलब्ध सांसद निधि में से 310.04 लाख के प्रस्ताव ही स्वीकृत कराये हैं तथा 444.52 लाख प्रस्ताव स्वीकृति हेतु अवशेष है, जबकि 87.76 लाख अवमुक्त हेतु शेष है तथा 194.78 लाख कार्यदायी विभागों पर अवशेष है, कुल 727.06 लाख (96.36 प्रतिशत) खर्च हेतु शेष है।
श्री नदीम को उपलब्ध राज्य सभा सांसदों के स्वीकृत कार्यों के विवरण के अनुसार अनिल बलूनी ने 31 दिसम्बर 23 तक 12 कार्य स्वीकृत किये है इसमें 10 पूर्ण हो चुके है, 1 प्रगति पर तथा 1 प्रारंभ भी नहीं हुआ है। जबकि नरेश बंसल ने 26 कार्य स्वीकृत किये हैं जिसमें से 6 पूर्ण हुये है, 4 प्र्रगति पर है तथा 16 प्रारंभ भी नहीं हुये हैं। डाॅ0 कल्पना सैनी ने 32 कार्य स्वीकृत किये है जिसमें से कोई पूर्ण नहीं हुआ है जबकि 3 कार्य प्रगति पर है तथा 29 कार्य आरंभ भी नहीं हुये हैं।
एस0सी0 तथा एस0टी0 कार्यों पर खर्च के विवरण के अनुसार अनिल बलूनी तथा डाॅ0 कल्पना सैनी ने अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के कार्यों पर कोई सांसद निधि खर्च नहीं की हैं जबकि नरेश बंसल द्वारा अनुसूचित जाति के कार्यों पर 6 लाख तथा अनुसूचित जनजाति के कार्यों पर 3 लाख की धनराशि खर्च विवरण में दर्शायी गयी है।

Вывод из запоя в стационарных условиях тоже попадает под этот критерий, необходимо приложить усилия для того, чтобы человек осознал наличие проблемы и согласился на терапию. Многие пациенты пытаются бросить пить самостоятельно, но в домашних условиях невозможно обеспечить должный уровень безопасности и эффективности. В стационаре пациент находится под постоянным наблюдением врача-нарколога, что особенно важно при риске алкогольного психоза, судорог и тяжелой интоксикации. Экстренный вывод из запойного состояния и медикаментозное лечение не избавят человека от алкогольной зависимости, а лишь на время вернут к нормальной жизни. Поэтому так важно продолжить лечение в стационаре, где доступно комплексное воздействие на физическое и психическое здоровье, а также восстановление функций внутренних органов.
Подробнее можно узнать тут – vyvod-iz-zapoya-na-domu-kruglosutochno