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जिलाधिकारी के निर्देशन में जिला स्तरीय उप-समिति की बैठक, प्रशिक्षण/कार्यशाला आयोजित

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जिलाधिकारी के निर्देशन में जिला स्तरीय उप-समिति की बैठक, प्रशिक्षण/कार्यशाला आयोजित

जिलाधिकारी के निर्देशन में जिला स्तरीय उप-समिति की बैठक, प्रशिक्षण/कार्यशाला आयोजित
जिलाधिकारी के निर्देशन में जिला स्तरीय उप-समिति की बैठक, प्रशिक्षण/कार्यशाला आयोजित

रूद्रपुर 02 जनवरी, 2026 (सूवि)- भारत सरकार, जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित सांतवी लघु सिंचाई संगणना, द्वितीय जल निकाय संगणना एवं प्रथम स्प्रिंग संगणना के सफल, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के उद्देश्य से जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशन में शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय उप-समिति की बैठक, प्रशिक्षण/कार्यशाला आयोजित की गई। एक दिवसीय प्रशिक्षण/कार्यशाला का डीएफओ यूसी तिवारी, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ0 वीके यादव, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई सुशील कुमार, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत जीके भट्ट ने दीप प्रज्जवलित कर शुभारम्भ किया। बैठक में संगणना कार्यों की प्रगति, कार्ययोजना, फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन की रणनीति एवं विभागीय समन्वय से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गयी।
इस दौरान अधिशासी अभियन्ता लघु सिंचाई द्वारा अवगत कराया गया कि सांतवी लघु सिंचाई, द्वितीय जल निकाय एवं प्रथम स्प्रिंग संगणना जनपद के जल संसाधनों के समग्र विकास एवं संरक्षण की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। संगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की योजनाओं का मजबूत आधार बनेंगे। सभी संबंधित विभाग से संगणना कार्य पूर्ण गंभीरता, पारदर्शिता एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपन्न किये जाने हेतु राहयोग प्रदान किये जाने के लिये अनुरोध किया गया व सभी विभागों द्वारा भी आपसी समन्वय बनाए रखते हुए संगणना कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें तथा फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किये जाने हेतु आश्वासन दिया गया। प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा प्रिंग संणगना हेतु वन क्षेत्रों में पड़ने वाले जलश्रोत्र धारा/नौला की संगणना हेतु निर्धारित कार्मिकों को वन विभाग द्वारा सहयोग दिये जाने हेतु आश्वासन दिया गया।
बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि उक्त संगणनाएँ जनपद के जल संसाधनों के वैज्ञानिक आकलन, संरक्षण, पुनर्जीवन तथा भविष्य की जल प्रबंधन योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। संगणना से प्राप्त आंकड़े नीति निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं की योजना, जल निकायों के संरक्षण एवं स्प्रिंग शेड प्रबंधन में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेंगे।
इस दौरान ट्रेनर लघु सिंचाई संगणना राहुल शर्मा ने भारत सरकार द्वारा विकसित मोबाइल एप आधारित डाटा संग्रहण प्रणाली के माध्यम से संगणना कार्य किए जाने का आग्रह किया। साथ ही डाटा संग्रहण पूर्णतः डिजिटल माध्यम से किये जाने की बात कही, जिससे आंकड़ों की सटीकता, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने फील्ड स्तर पर कार्यरत गणनाकर्मियों को समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही।
कार्यशाला में जिला पंचायतराज अधिकारी विद्या सिंह सोमनाल, अधिशासी अभियंता जल निगम सुनील जोशी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नफील जमील सहित सम्बन्धित विभागों के सहायक अभियंता व अवर अभियंता आदि मौजूद थे।