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जागरूक, सजग, कर्मठ, सूचना अधिकार कार्यकर्ता होने से आरटीआई पर कोई खतरा नहीं

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काशीपुर। जब तक जागरूक, सजग, कर्मठ, सूचना अधिकार कार्यकर्ता सक्रिय है तब तक अधिनियम की मूल भावना को कोई खतरा नहीं हैं। यह विचार नदीम उद्दीन एडवोकेट द्वारा नवनियुुक्त सूचना आयुक्त योगेश भट्ट को भेजे सुझावों सम्बन्धी पत्र के उत्तर में उन्होंने नदीम को भेजे पत्र में व्यक्त किये।
नदीम उद्दीन एडवोकेट ने उत्तराखंड के नवनियुक्त राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट को उत्तराखंड में सूचना अधिकार क्रियान्वयन हेतु सुझाव भेजे थे। इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये तथा नदीम की सूचना अधिकार क्रियान्वयन में योगदान की सराहना करते हुये सूचित किया है कि राज्य सूचना आयोग द्वारा अधिकांश सुझावों पर पूर्व में ही कार्यवाही गतिमान है। नदीम 2005 में सूचना अधिकार लागू होने के समय से ही मुख्य सूचना आयुक्तों तथा अन्य सूचना आयुक्तों को सुझाव प्रेषित करते रहे हैं। नदीम द्वारा सूचना आयुक्त भट्ट को प्रेषित सुझावों में आयोग में द्वितीय अपील/शिकायतों की सुनवाई आडियो/वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से कराने की व्यवस्था, अपील व शिकायतों के शीघ्र निपटारे की व्यवस्था, लोक सूचना अधिकारियों के धारा 6 ;3द्ध के सूचना प्रार्थना पत्र हस्तांतरण के प्रावधान का दुरूपयोग रोकने, सूचना आयोगों के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने, धारा 4 का अनुपालन कराके रिकार्ड सूचीब(, कम्प्यूटराज्ड कराने व स्वतः प्रकटन वाली सूचनायें प्रकाशित कराने, निरीक्षण को बुलाने के बहाने सूचना देने से बचने पर रोक लगाने, सूचना आयोग की वेबसाइट सुचारू कराने के सुझाव शामिल हैं।

2 thoughts on “जागरूक, सजग, कर्मठ, सूचना अधिकार कार्यकर्ता होने से आरटीआई पर कोई खतरा नहीं

  1. Этанол и продукты его распада запускают целый каскад разрушительных реакций. В первую очередь страдают головной мозг, печень, сердце и почки. Из-за обезвоживания нарушается баланс солей, сгущается кровь, что создаёт риск тромбоза и инсульта. Развивается токсическое поражение печеночной ткани, а при отсутствии лечения может потребоваться экстренная госпитализация. Сильная головная боль, спутанность сознания и психоэмоциональное возбуждение — прямое следствие отека мозговых оболочек. Проведение анализа крови и мочи помогает оценить степень поражения и подобрать правильную схему лечения. В таких случаях только инфузионная капельница способна быстро восстановить обменные процессы в тканях, укрепить сосуды и стабилизировать общее состояние. Многие пациенты отмечают, что уже во время капельницы уходит чувство усталости и дрожи в конечностях.
    Разобраться лучше – вызвать капельницу на дом от запоя анонимно

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