रुड़की। अगर आप अपना राशन कार्ड सरेंडर कराना चाहते हैं तो खुद ही खाद्य पूर्ति विभाग के कार्यालय आना होगा। विवाद से बचने के लिए विभाग ने यह फैसला लिया है। अब तक तेरह कार्ड सरेंडर हुए हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (सफेद कार्ड) और अंत्योदय कार्ड (गुलाबी कार्ड) को लेकर सबसे ज्यादा विवाद है। जबकि राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (पीले कार्ड) कार्ड बनाने को लेकर लोग ज्यादा उत्सुक नहीं है। सफेद और गुलाबी कार्ड मिलाकर रुड़की तहसील क्षेत्र में करीब एक लाख कार्ड धारक हैं। जो नए राशन कार्ड बनाए जाने हैं उसमें सबसे अधिक डिमांड सफेद कार्ड बनाने की है। लेकिन पहले से ही कार्ड ज्यादा बने होने से नए लोगों के कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। सरकार का मानना है कि योजना शुरू होने के बाद कई लोग अपात्र हो चुके हैं। सफेद कार्ड में महीना पंद्रह हजार रुपये तक की आय शामिल है। जबकि गुलाबी कार्ड बीपीएल धारकों के बनते हैं। अपात्र लोगों को कार्ड सरेंडर करने के लिए 31 मई तक की मोहलत दी गई है। उसके बाद विभाग ऐसे लोगों का सर्वे करेगा। राशन डीलरों से भी अपात्र लोगों की सूची देने को कहा गया है। एक सप्ताह में रुड़की में 13 कार्ड सरेंडर हुए हैं। इसमें से बारह सफेद कार्ड और एक गुलाबी कार्ड है। एक व्यक्ति ने एक साथ 25 लोगों के कार्ड सरेंडर करने की बात कही। लेकिन पूर्ति विभाग ने सामूहिक रूप से एक व्यक्ति की ओर से कार्ड सरेंडर से इनकार कर दिया। इसके पीछे तक है कि बाद में लोग कह सकते हैं कि विवाद या रंजिश में उनका कार्ड सरेंडर किया गया। जबकि उन्होंने अपना कार्ड सरेंडर करने के लिए नहीं दिया था। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति को अपना कार्ड सरेंडर करना है तो उसे खुद ही विभाग के कार्यालय में आना होगा।

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