देहरादून। दून केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन का एक शिष्टमण्डल आज बीजापुर गेस्ट हाऊस में केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन मंत्री अजय भट्ट से मिला तथा उन्हें हल्द्वानी व श्रीनगर में सीजीएचएस वेलनेस सेंटर खोले जाने व डीआरडीओ प्रशासन द्वारा अपने पेंशनर्स का आर्थिक उत्पीड़न की मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि उत्तराखण्ड में सीजीएचएस लाभार्थियों की निरंतर बढ़ रही संख्या 50 हजार से अधिक हो चुकी है जबकि वेलनेस सेंटर मात्र तीन ही मौजूद हैं वह भी केवल देहरादून में हैं शेष 12 जिलों में कोई सेंटर नहीं है जिससे एक सेंटर पर 2000 लाभार्थियों के सरकारी मानक की जगह 17000 लाभार्थी एक सेंटर पर ईलाज हेतु निर्भर हैं जिससे हर एक सेंटर पर रोजाना भीड़ रहने से बुजुर्ग मरीजों को या तो ईलाज मिलने में परेशानियां झेलनी पड़ती हैं या उन्हें ईलाज से ही महरूम रहना पड़ता है। साथ ही सुदूर पर्वतीय व मैदानी 12 जिलों से आने वाले बुजुर्ग मरीजों को ईलाज, दवा व टैस्ट आदि के लिए 2-3 दिन दून में ही रुकना पड़ता है जिससे उनका आर्थिक, मानसिक व शारीरिक शोषण होता है जोकि घोर अन्याय पूर्ण है। अतः कुमाऊं में हल्द्वानी एंव गढ़वाल में श्रीनगर में सीजीएचएस वेलनेस सेंटर खोले जाने की एसोसिएशन की पांच साल से लंबित मांग अतिआवश्यक व तर्क संगत है जिसे लेकर एसोसिएशन स्थानीय प्रशासन से लेकर पीएमओ तक लगातार लंबे समय से गुहार लगाती आ रही है साथ ही प्रदेश सांसदों द्वारा मामले को 6 साल में तीन बार संसद में भी उठाया जा चुका है अतः उक्त दोनों जगह उक्त सेंटर शीघ्र खोले जाएं। इसके अलावा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा अपने कर्मियों जो अब रिटायर्ड हो चुके हैं के साथ किये गये बड़े आर्थिक उत्पीड़न के मामले को भी शिष्टमंडल द्वारा मंत्री के समक्ष उठाया गया। अजय भट्ट द्वारा दोनों मांगों पर सहमति जताते हुए प्रभावी कार्यवाही किये जाने का आश्वसन दिया गया। शिष्टमण्डल में एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएस नेगी, महासचिव एसएस चैहान, संयोजक केएस बंगारी, एमएस रावत व चंद्रपाल सिंह मौजूद थे।

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