
अनिल शर्मा
ठाकुरद्वारा ( मुरादाबाद )
नगर के तहसील स्थित प्राचीन शिव हनुमान मंदिर पर अयोध्या धाम से आए पंडित आशुतोष महाराज ने श्री मद् भागवत कथा के दौरान भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का बड़े ही मनोहर ढंग से वर्णन क्या इस दौरान उन्होंने कहा कि राजा कंस अपनी चचेरी बहन देवकी का विवाह वासुदेव के साथ करते हैं । इस समय राजा कंस अपनी बहन देवकी को रथ में बैठा कर विदा कर ए थे ठीक उसी समय आकाशवाणी होती है | एक अंश जिस बहन को तू खुशी के साथ विदा कर रहा है उसी की संतान तेरा काल बनेगी I लहसुन राजा कंस क्रोधित हो बहन की हत्या करने के लिए तलवार म्यान से निकालते हैं इसी दौरान बासुदेव तलवार को रोक वचन देते हैं कि देवकी के होने वाली प्रत्येक संतान सौंप देंगे | इसी दौरान राजा कंस देवकी और वासुदेव को कारावास में डाल देते हैं l देवकी के होने वाली प्रत्येक संतान की राजा कंस हत्या कर कर देते हैं | यह देख देवी देवताओं में खलबली मच गई इस पर भगवान विष्णु ने अपनी लीला रचते हुए देवकी की कोख से भगवान श्री कृष्ण के रूप में अवतार लिया | इसी दौरान कारागार के बाहर खड़े सभी पहरेदार मूर्छित हो जाते हैं । रातो रात वासुदेव श्रीकृष्ण को घनघोर वर्षा के दौरान यमुना नदी पार कर बाबा नंद के यहां यशोदा के यहां पहुंचकर श्रीकृष्ण को उन्हें सौंप देते हैं और यशोदा की कोख से जन्मी कन्या को लेकर रातों-रात कारावास में पहुंच देवकी के पास कन्या को सुला देते हैं । होने पर कन्या को राजा कंस के सुपुर्द कर देते हैं | जैसे ही कंस कन्या की हत्या का प्रयास करते हैं तो कन्या समान में उछल जाती है और आकाशवाणी होती है तेरे मारने वाला गोकुल में पैदा हो चुका है | गोकुल में बाबा नंद के यहां भगवान श्री कृष्ण के जन्म की सूचना पर वासियों में हर्ष की लहर दौड़ जाती है | बाबा नंद के आवास पर गोकुल वासियों का बधाई देने के लिए तांता लग पता है |कथा समापन पर प्रसाद वितरण किया गया I दौरान संजीव अग्रवाल, पंडित नंदकिशोर शर्मा, अशोक गहलोत, प्रदीप बिश्नोई, राम रतन सिंह, नरेंद्र सिंह, उत्तम कुमार, भूपेंद्र सिंह, नागेंद्र सिंह, संजीव सिंघल, रेखा देवी, गीता देवी, दीक्षा कुमारी, दीक्षा, रामवती ,कमला देवी सुमन देवी, जागेश्वरी देवी, आदि उपस्थित रहे l
