सुलतानपुर । अलीगढ़ में 110 किमी/घंटा की स्पीड में दौड़ती नीलांचल एक्सप्रेस से पटरी पर पड़ा सब्बल ट्रेन की खिड़की तोड़ते हुए यात्री हरिकेश कुमार दुबे की गर्दन में जा घुसा और सिर फाड़ते हुए निकल गया। उसकी मौके पर मौत हो गई। वो सुल्तानपुर के चांदा थानाक्षेत्र के गोपीनाथपुर का रहने वाला था। हालांकि परिवार में माता-पिता, पत्नी और दो मासूम से बच्चे इस दर्दनाक घटना से बिल्कुल अनजान हैं।
जानकारी के अनुसार हरिकेश मोबाइल टॉवर कंपनी में सुपरवाइजर था। दिल्ली में बहन की नंद की बेटी की शादी थी। सप्ताह भर पहले वो छुट्टी लेकर शामिल होने गया था। कल वो दिल्ली से घर वापस लौटने के लिये नीलांचल एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार हुआ था। घर पहुंचने से पहले हादसे का शिकार हुआ। स्थानीय थाने से जब सूचना भाई के मोबाइल पर पहुंची तो उसके पैर तले जमीन खिसक गई। शव को लेने के लिये भाई यहां से रवाना हो गये हैं। बताया जा रहा है कि हरिकेश की तीन साल पहले ही चांदा थानाक्षेत्र की रहने वाली शालिनी दूबे (28) से विवाह हुआ था। उसके दो मासूम बच्चे एक लड़का और एक लड़की है। इस घटना के बाद जहां बच्चों के सिर से बाप का साया उठ गया वही पत्नी की मांग भी उजड़ गई है। हरिकेश चार भाइयों में सबसे छोटा है। उसके चार बहने भी हैं। पिता संतराम दूबे खेती करते हैं। अभी माता-पिता सभी बेटे की मौत से बेखबर हैं। लेकिन कल जैसे ही शव पहुंचेगा तो किसी के आंसू थामे से नहीं थमेंगे।

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