काशीपुर। दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में दोषमुक्त किए गए आरोपियों के खिलाफ दायर की गई याचिका एडीजे तृतीय की अदालत ने सुनवाई के बाद खारिज कर दी। निचली अदालत ने आरोपियों को बरी कर दिया था। मौहल्ला किला निवासी लवली शर्मा ने कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि विवाह के कुछ दिन बाद ही दहेज के लिए उसके पति मनिंदर, ससुर कुलदीप शर्मा और सास निर्मल देवी ने मारपीट शुरू कर दी थी। दहेज में एक लाख रूपये न लाने पर ससुरालियों ने 27 जनवरी 2013 को घर से निकाल दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। महिला हेल्पलाइन में काउंसलिंग के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट प्रस्तुत की। इस दौरान एक आरोपी कुलदीप की मौत हो गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायिक मजिस्टेªट/सिविल जज ;जू.डि.द्ध की अदालत ने 31 अक्टूबर, 2019 को साक्ष्यों के अभाव में आरोपी मनिंदर और उसकी मां निर्मल शर्मा को दोषमुक्त कर दिया। सुनवाई एडीजे तृतीय की अदालत में हुई।

Регулярное обновление данных возможно через скачать свежие базы xrumer https://www.olx.ua/d/uk/obyavlenie/progon-hrumerom-dr-50-po-ahrefs-uvelichu-reyting-domena-IDXnHrG.html, что повысит эффективность продвижения.