
काशीपुर। चन्द्रावती तिवारी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उत्तराखण्ड शासन के निर्देशानुसार ‘गढ़भोज दिवस’ पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय की असिस्टेन्ट प्रोफेसर डॉ. दीपा चनियाल, डॉ. गीता मेहरा, श्रीमती प्राची धौलाखण्डी, डॉ. मीनाक्षी पन्त ने महाविद्यालय की छात्राओं को उत्तराखण्ड के औषधीय गुणों से भरपूर फसलों से बनने वाले भोजन के बारे में बताया, और विभिन्न प्रकार के अनाज जैसे- भट्ट, गहत, मडुवा, झिंगोरा, काला व सफेद जीरा, लोबिया व तूर आदि का स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्व व उससे बनने वाली रेसिपी की जानकारी दी। कार्यक्रम के अन्त में महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्या डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय ने पर्वतीय क्षेत्रों में पायी जाने वाली विभिन्न प्रकार की सब्जियों को औषधी के रूप में प्रयोग करने की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि इस सेमिनार का उद्देश्य प्राकृतिक सम्पदा का संरक्षण, पहाड़ी भोजन को पहचान दिलाना एवं उसका प्रचार-प्रसार करना है। इस अवसर पर एसो. प्रो. डॉ. मंजू सिंह, डॉ. रमा अरोरा, डॉ. वन्दना सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंजलि गोस्वामी, डॉ. रंजना, डॉ. ज्योति गोयल, श्रीमती शीतल अरोरा, डॉ. पुष्पा धामा, डॉ. मंगला, डॉ.ज्योति गोयल, कु. किरन, कु. शिवानी साह, पवन कुमार, सृष्टि सिंह आदि उपस्थित रहे।
