काशीपुर। चन्द्रावती तिवारी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज छात्र संघ चुनाव विधिव्त सम्पन्न हुआ। इसके लिए 19 दिसम्बर को चुनाव अधिसूचना जारी हुई, 21 दिसम्बर को नामांकन एवं 22 दिसम्बर को नामांकन पत्रों की जाच के बाद अन्तिम सूची का प्रकाशन किया गया, जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव एवं संयुक्त सचिव पद को छोड़कर शेष 3 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
अध्यक्ष पद पर कु. अनुप्रिया सक्सेना एमए प्रथम सेमेस्टर ;अंग्रेजीद्ध ने अपने निकटतम प्रतिद्वन्दी कु. किरन को 25 मतों से पराजित किया। उपाध्यक्ष पद पर कु.रिया सिंह एमए प्रथम सेमेस्टर ;अर्थशास्त्रद्ध ने अपने निकटतम प्रतिष्न्दी कु. शुभि चन्देल को 56 मतों से, सचिव पद पर कु. ईशा बीए तृतीय वर्ष ने अपने निकटतम प्रतिद्वन्दी कु. योगिता चौहान को 27 मतों से तथा संयुक्त सचिव पद पर कु. अदिबा बीकॉम द्वितीय वर्ष ने अपने निकटतम प्रतिद्वन्दी कु. खुशबू कश्यप को 37 मतों से पराजित किया। इनके अलावा कु. मान्या विश्नोई बीए द्वितीय वर्ष कोषाध्यक्ष, कु. निधि श्योरान बीकॉम तृतीय वर्ष वाणिज्य संकाय प्रतिनिधि व कु. शालिनी एमए प्रथम सेमेस्टर ;चित्रकलाद्ध विश्वविद्यालय प्रतिनिधि निर्विरोध बनीं। छात्राओं द्वारा कुल 312 मतो का प्रयोग किया गया। उक्त चुनाव महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. कीर्ति पन्त की अध्यक्षता में चीफ प्रोक्टर डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय तथा निर्वाचन अधिकारी डॉ. मन्जु सिंह के निर्देशन एवं डॉ. रमा अरोरा, डॉ. वन्दना सिंह, डॉ. अंजलि गोस्वामी, डॉ. दीपा चनियाल, डॉ. ज्योति गोयल, डॉ. पुष्पा धामा, डॉ. गीता मेहरा, श्रीमती प्राची धौलाखण्डी, डॉ. रंजना, डॉ. ज्योति रावत, डॉ. मंगला, कृति टण्डन, शिवानी साह, किरन फर्तियाल, सृष्टि सिंह आदि के सहयोग से सम्पन्न कराया गया। चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न होने के पश््चात महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. कीर्ति पन्त द्वारा नव निर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई। गोविन्द बल्लभ पंत शिक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती विमला गुड़िया, प्रबन्धक डॉ. एसके शर्मा, चीफ प्रोक्टर डॉ दीपिका गुड़िया आत्रेय ने सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी।

Вывод из запоя нужен не только после длительного употребления алкоголя. Обратиться за помощью стоит, если человек не может прекратить пить, плохо спит, испытывает сильную тревогу, жалуется на дрожь рук, слабость, головную боль, боль в груди, рвоту, сердцебиение или скачки давления. Чем дольше продолжается запой, тем выше риск осложнений со стороны сердца, печени, сосудов, нервной системы и психики. Особенно опасна ситуация, когда пациент пытается резко прекратить употребление спирта после нескольких дней запоя и сталкивается с выраженной абстиненцией.
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Схема помощи зависит от состояния, стажа употребления, противопоказаний и дальнейших целей лечения.
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