-रोहताश खिलेरी इससे पहले 16 मई 2018 को माउंट एवरेस्ट फतह कर चुके हैं
हिसार। यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस को फतह करने वाले पहले भारतीय पर्वतारोही रोहताश ने दावा किया है के अब वह एक ओर रिकॉर्ड अपने नाम करने जा रहे हैं। वह एक अप्रैल से अपनी माउंट एवरेस्ट की चढाई की शुरुआत करेगा। माउंट एवरेस्ट पर माइनस 60 से 70 डिग्री टेंपरेचर होता है। इसलिए रोहताश खिलेरी पूरी मेहनत साथ कर रहे हैं। उनका इस बार का रिकॉर्ड माउंट एवरेस्ट पर 24 घंटे रूकने का होगा। अभी तक माउंट एवरेस्ट पर 21 घंटे रूकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है जो नेपाल के बाबुश्री शेरपा ने करीब 22 साल पहले 1999 में बनाया था, जिसके बाद अब भारत की तरफ से रोहताश खिलेरी ने दावेदारी प्रस्तुत की है। उन्होंने अपने इस मिशन को प्रोजेक्ट ह्युमनिटी का नाम दिया है, जिसके जरिए वह भारत की तरफ से पूरे विश्व में मानवता का संदेश देंगे। बताया जा रहा है कि रोहताश खिलेरी इससे पहले 16 मई 2018 को माउंट एवरेस्ट फतेह कर चुके हैं। इसके साथ ही वह गत वर्ष यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस पर 24 घंटे रुकने का रिकॉर्ड बनाने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन हालत खराब होने के चलते उन्हें अपना यह मिशन रोकना पड़ा। गत वर्ष उन्होंने नेपाल सरकार से माउंट एवरेस्ट मिशन के लिए परमिशन मांगी थी, लेकिन उस दौरान कोरोना महामारी के चलते नेपाल सरकार ने उन्हें अनुमति नहीं दी। काफी कोशिशों के बाद अब उन्हें इसके लिए अनुमति मिली है। रोहताश खिलेरी की उपलब्धियां कुछ इस प्रकार हैंरू माउंट एवरेस्ट 16 मई 2018, माउंट किलिमंजारो 23 जुलाई 2018, माउंट एलब्रुस 4 सितंबर 2018, माउंट एलब्रुस 1 फरवरी 2020, माउंट फ्रेंडशिप 9 अक्टूबर 2020, माउंट मून 1 नवंबर 2020, माउंट किलोमंजेरो पर 23 मार्च 2021 को 24 घंटे रूकने का रिकॉर्ड। रोहताश खिलेरी बिश्नोई एलब्रुस को समर और विंटर में फतेह करने वाले पहले भारतीय हैं।

Специалисты по сопровождению ВЭД всегда подскажут оптимальное решение, что ускоряет работу – https://vsoprovozhdenie1.ru/