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रामनगर रोड के लिए 17.51 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र को भेजा, बारिश से पहले काम शुरू होगा: दीपक बाली

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रामनगर रोड के लिए 17.51 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र को भेजा, बारिश से पहले काम शुरू होगा: दीपक बाली

 

रामनगर रोड के लिए 17.51 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र को भेजा, बारिश से पहले काम शुरू होगा: दीपक बाली
रामनगर रोड के लिए 17.51 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र को भेजा, बारिश से पहले काम शुरू होगा: दीपक बाली

काशीपुर। महापौर दीपक बाली ने नगर निगम कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में शहर की कई अहम समस्याओं और विकास योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से रामनगर रोड एनएच-309 की जर्जर हालत, चैती मेला परिसर के विकास, हाईटेक शौचालयों, ड्रेनेज प्लान सहित अनेक बिंदुओं पर उन्होंने विस्तार से जानकारी दी।
महापौर ने कहा कि रामनगर रोड एनएच के अंतर्गत आती है, इसलिए इस पर सीधे नगर निगम काम नहीं कर सकता। इसके बावजूद उन्होंने इसे अपनी जिम्मेदारी मानते हुए कई बार शासन प्रशासन से पत्राचार किया और अधिकारियों से वार्ता की। उन्होंने बताया कि पहले भी सड़क के गड्ढों की मरम्मत कराई गई थी। अब इस सड़क के लिए किलोमीटर 1 से 28 तक का एस्टीमेट तैयार कर पहले 16 करोड़ 30 लाख 15 हजार रुपये का प्रस्ताव बनाया गया था, जिसे बाद में संशोधित कर 17 करोड़ 51 लाख रुपये कर दिया गया है और यह प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा चुका है। जनता की समस्या को देखते हुए वर्तमान में भी गडढों का भरान कराया जा रहा है। महापौर ने उम्मीद जताई कि अप्रैल माह के भीतर धनराशि स्वीकृत हो सकती है। महापौर ने बताया कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा काशीपुर के पास एक हाईटेक किचन तैयार किया जा रहा है, जिसकी लागत लगभग 18 से 20 करोड़ रुपये है। यह किचन लगभग तैयार हो चुका है और इसमें काशीपुर तथा आसपास के सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण गर्म भोजन तैयार किया जाएगा। महापौर ने बताया कि नगर निगम की ओर से तीन हाईटेक शौचालय स्वीकृत कराए गए हैं। इनमें से एक खड़कपुर-देवीपुरा क्षेत्र में, दूसरा चैती मेला प्रांगण में, जबकि तीसरे शौचालय का प्रस्ताव टांडा तिराहे से बदलकर द्रोणा सागर क्षेत्र के लिए किया गया है। इसके अलावा मौजूद शौचालयों की व्यवस्थाएं बनाये रखने की बात कही।
महापौर ने कहा कि पूरे शहर में लगभग 100 नल लगाने का टेंडर जारी कर दिया है। महापौर दीपक बाली ने बताया कि चैती मेला परिसर के विकास को लेकर भी अब ठोस काम शुरू होने जा रहा है। चैती मेले की पौराणिकता और गिरती गुणवत्ता को लेकर पत्रकारों ने जब सवाल उठाए तो महापौर ने माना कि राजस्व बढ़ाना ही मेले का उद्देश्य नहीं हो सकता। उन्होंने स्वीकार किया कि मेले की जीवंतता, सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक स्वरूप को बचाए रखना जरूरी है। शहर की ड्रेनेज समस्या पर महापौर ने कहा कि दीर्घकालिक समाधान के लिए लगभग 650 करोड़ रुपये का बड़ा ड्रेनेज प्लान तैयार किया गया है, जिसमें से करीब 125 करोड़ रुपये की पहली किस्त जल्द जारी होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने बताया कि गिरिताल, जीजीआईसी, डॉग शेल्टर होम, वेंडिंग जोन, गौशाला समेत कई परियोजनाओं की डीपीआर और ड्राइंग शासन को भेजी जा चुकी हैं।