
पंतनगर/रूद्रपुर- अपर मुख्य सचिव/कृषि उत्पादन आयुक्त/अध्यक्ष उत्तराखण्ड सीड्स एण्ड टीडीसी आनंद वर्धन ने गांधी हॉल में आयोजित टीडीसी की 49वीं, 50वीं एवं 51वीं वार्षिक सामान्य बैठक में अंशधारियों/कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा वर्तमान वर्ष को मिलेट्स वर्ष घोषित किये जाने पर निगम द्वारा वर्तमान में मण्डुआ, मादिरा, गहत, रामदाना, काला भट्ट आदि का लगभग 12000 कुन्तल बीज तैयार कर उत्तराखण्ड राज्य को आपूर्ति किया गया है, जिसे मांग के अनुसार और बढ़ाने की प्रक्रिया गतिमान है।
उन्होने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निगम के पुनरूत्थान हेतु किये गये आवश्यक प्रयासों के तहत् वर्ष 2019-20 में लाभ की स्थिति में आया है। उन्होने कहा कि गतवर्ष निगम द्वारा उत्पादित समस्त बीज मात्रा का विक्रय सुनिश्चित किया गया है, जिससे निगम को आने वाले समय में लाभ में लाने की स्थिति बनने की आशा जगी है। उन्होंने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि निगम पुनः अपने वर्तमान संकट की स्थिति से बाहर निकलकर नयी ऊंचाइयों को छुएगा, जिसके लिए सभी आवश्यक सहयोग राज्य सरकार द्वारा निगम को प्रदान किया जा रहा है। उन्होने कहा कि निगम का अपना सुदृढ़ विपणन तंत्र है, जिसके माध्यम से प्रमाणित बीजों की बिक्री उत्तराखण्ड के अतिरिक्त अन्य राज्यों जैसे- उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, प. बंगाल एवं पंजाब आदि राज्यों में की जा रही है।
निगम के प्रबंध निदेशक/जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने वार्षिक सामान्य बैठक में उपस्थित कृषक अंशधारियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान रबी 2023-24 में निगम प्रबंधन द्वारा अनेकों विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए उपलब्ध बीज मात्रा के विक्रय के सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होने कहा कि आगामी सत्र में व्यवसाय में वृद्धि किये जाने की नयी रणनीति तैयार की जा रही है, जिसके तहत् विविधिकरण योजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड सहित अन्य राज्यों मंे सब्जी बीज, जैविक खाद, जैविक रसायन आदि की आपूर्ति हेतु विभिन्न फर्मों से एमओयू किये जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि निगम के वर्तमान व्यावसायिक/तकनीकी कार्मिकों की कमी के दृष्टिगत निगम के कार्मिक ढांचे में परिवर्तन कर इसका पुनर्गठन किया जा रहा है। साथ ही अन्य प्रयास भी किये जा रहे हैं, जिससे निगम राज्य की बीज आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए प्रतिस्पर्धा वाले बाजार में मजबूती से स्थापित हो सकेगा।
इस दौरान कृषक अंशधारी राजेन्द्र पाल सिंह, एनके तिवारी, विजय भुड्डी, डीएन मिश्रा, सुरेन्द्र नरूला, टीकम सिंह खेड़ा, ओपी श्रीवास्तव, धर्मपाल, अविनाश गुप्ता, जीएस बरार आदि ने निगम के उत्थान हेतु सुझाव प्रस्तुत किये, जिनपर अपर मुख्य सचिव श्री आनंद वर्धन ने सकारात्मक पहल करने का आवश्वासन दिया। इस अवसर पर निगम के महाप्रबंधक/मुख्य कृषि अधिकारी डा. एके वर्मा द्वारा अपर मुख्य सचिव/कृषि उत्पादन आयुक्त, जिलाधिकारी सहित उपस्थित सभी अंशधारियांे/कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
बैठक में निदेशक अनुसंधान केन्द्र डा. एके नैन, मुख्य महाप्रबंधक फार्म, डा. जयन्त सिंह, कृषक निदेशक मुकुल माहेश्वरी, अंकुर पपनेजा, समर पाल सिंह ग्रेवाल, पृथपाल सिंह, डा. दीपक पाण्डेय (राष्ट्रीय बीज निगम), मुख्य बीज उत्पादन अधिकारी/प्रभारी कंपनी अफेयर्स डा. दीपक पाण्डेय, रोहन सांगुड़ी, जीसी तिवारी, श्रीमती इंद्रावती, रीता आर्या, कमल श्रीवास्तव, सुनील श्रीवास्तव, अंगद सिंह, पीके सिंह, दिगम्बर प्रसाद, उपेन्द्र सिंह, आदि उपस्थित थे।

Well, I was able to follow along easily, and that’s something I don’t see much. I’ll probably revisit this again.
This filled in some gaps for me.