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कुमाऊं कमिश्नर ने किया तहसील का निरीक्षण, फाइलों के लंबित होने पर हुए नाराज

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कुमाऊं कमिश्नर ने किया तहसील का निरीक्षण, फाइलों के लंबित होने पर हुए नाराज

कुमाऊं कमिश्नर ने किया तहसील का निरीक्षण, फाइलों के लंबित होने पर हुए नाराज
कुमाऊं कमिश्नर ने किया तहसील का निरीक्षण, फाइलों के लंबित होने पर हुए नाराज

काशीपुर। कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत ने सोमवार को काशीपुर तहसील का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तहसील कार्यालय के विभिन्न पटलों, अभिलेखागार और राजस्व अनुभागों का बारीकी से जायजा लिया। मंडलायुक्त ने जनता से जुड़ी सेवाओं,143 के मामलों, पाँच साल से अधिक लम्बित स्वामित्व वादों का विशेष रूप से संज्ञान लिया। उन्होंने फाइलों के लंबित रहने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि आम जनता के कार्यों में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंडलायुक्त ने उपजिलाधिकारी कोर्ट में पाँच वर्ष से लंबित स्वामित्व वादों की समीक्षा की। इस दौरान पाँचवादों में से दो वादों में बरती गई लापरवाही पर कमिश्नर ने डीएम को संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लेने एवं पूर्व आदेशों का उल्लंघन करने वाले लेखपाल और पेशकार दोनों कार्मिकों को एक सप्ताह के भीतर प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिए। तहसील का निरीक्षण करते हुए मंडलायुक्त ने 143 के तहत भूमि के गैर-कृषि प्रयोग से संबंधित आवेदनों की भी समीक्षा की। ऑनलाइन व ऑफ़ लाइन आवेदनों एवं पंजिका का अवलोकन करते हुए कमिश्नर ने ऑफलाइन प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदन की जानकारी एसडीएम व तहसीलदार से मांगी। उसके बाद कमिश्नर ने कानूनगो कक्ष का निरीक्षण किया। कानूनगों के द्वारा प्राप्त होने वाले आवेदनों की प्राप्ति पंजिका नहीं बनाई गई। जिस पर कमिश्नर ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित दोनों कानूनगो का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। कमिश्नर ने दस बड़े बकायदारों की सूची भी तहसील परिसर में प्रदर्शित करने के निर्देश एसडीएम व तहसीलदार को दिए।
मंडलायुक्त ने मीडिया को बताया कि निरीक्षण के दौरान एक ऐसा मामला भी सामने आया जहाँ आवेदन 18 तारीख को जमा हुआ, लेकिन उस पर रिपोर्ट 16 तारीख को ही लगा दी गई थी। उन्होंने कहा कि इसका कड़ा संज्ञान लिया गया तथा डीएम को तुरंत संबंधित कानूनगों का जवाब तलब करने के निर्देश दिए है। कहा कि कानूनगो व अन्य संबंधित अधिकारियों से प्राप्त स्पष्टीकरण यदि संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके विरु( नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जयकिशन, अपर ज़िलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, एसडीएम अभय प्रताप सिंह, सीओ प्रशांत कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।