अब नए कानून के अनुसार ही दर्ज होंगे केस: कैलाश प्रजापति

फोटो-5 कैलाश प्रजापति
काशीपुर। देशभर में 1 जुलाई से नए कानून लागू हो गये हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश चंद्र प्रजापति ने बताया कि अब से नए कानून के बदलाव के मुताबिक ही केस दर्ज होंगे। मुख्य अपराधों की धाराएं बदल जाएंगी। अब इंडियन पीनल कोड ;आईपीसीद्ध की जगह भारतीय न्याय संहिता ;बीएनएसद्ध कहा जाएगा। क्रिमिनल प्रोसिजर कोड ;सीआरपीसीद्ध की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू हो जाएगा।
नए कानून के अनुसार नाबालिग से दुष्कर्म का दोष साबित होने पर फांसी या उम्रकैद होगी। सामूहिक दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा या जिंदा रहने तक जेल की सजा का प्रावधान नए कानून में है। वहीं मॉब लिंचिंग के केस में फांसी की सजा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय संहिता यह आईपीसी का नया नाम होगा। इसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जैसे कि अपराधों के लिए नई सजाएं, जमानत के नए प्रावधान और त्वरित सुनवाई के लिए नए नियम। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यह सीआरपीसी का नया नाम होगा। इसमें पुलिस जांच, अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के अधिकारों, और सबूतों के संग्रह से संबंधित प्रावधानों में बदलाव किए गए हैं। सड़क दुर्घटना करने वाला ड्राइवर अगर पीड़ित को अस्पताल या पुलिस स्टेशन ले जाता है तो उसकी सजा कम करने का प्रावधान भी है। सिर पर लाठी मारने वाले पर अभी सामान्य झगड़े की धारा लगती है। अब विक्टिम के ब्रेनडेड पर दोषी को 10 साल की सजा मिलेगी। किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने पर पुलिस को उसके परिवार को जानकारी देनी होगी। केस में 90 दिन में क्या किया, इसकी जानकारी पीड़ित को देनी होगी। अगर आरोपी 90 दिन में कोर्ट में पेश नहीं होगा तो अब उसकी गैरमौजूदगी में ट्रायल चलेगा। अब ट्रायल कोर्ट को 3 साल में फैसला देना होगा, फैसले के 7 दिन में सजा सुनानी होगी।

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