सिलेंडर के दाम बढ़े और बुकिंग का नियम भी बदला

नई दिल्ली। एसेंशियल कमोडिटी एक्ट के तहत 4 कैटेगरी में बांटकर गैस की आपूर्ति और डिस्ट्रीब्यूशन किया जाएगा. पहली कैटेगरी में घरों में इस्तेमाल होने वाले रसोई गैस, च्छळ और गाड़ियों में डलने वाली ब्छळ रखी गई है, जिन्हें पूरी गैस मिलेगी. दूसरी कैटेगरी में खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को रखा गया है, जिन्हें 70ः गैस मिलेगी. तीसरी कैटेगरी में नेशनल ग्रिड से जुड़ी चाय की फैक्ट्रियों और दूसरे बड़े उद्योगों होंगे और चैथी कैटेगरी में छोटे कारखाने,होटल और रेस्टोरेंट को रखा गया है. सरकार ने गैस सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग का नियम भी बदल दिया है. सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर के बुकिंग के लिए समयसीमा को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है. सरकार ने तेल कंपनियों, रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है, ताकि घरेलू एलपीजी गैस की सप्लाई जारी रह सके. सरकार ने मौजूदा गैस संकट को देखते हुए गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाने का फैसला किया. सरकार ने अप्रैल 2025 के बाद पहली बार घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 14.2 किलो वाले रसोई गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपए बढ़ा दिए गए.इससे पहले 7 मार्च से सरकार ने 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए का इजाफा कर दिया था. गैस की जमाखोरी को रोकने के लिए व्ज्च् या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है. बिना ओटीपी के डिलीवरी एजेंट आपको गैस सिलेंडर डिलीवर नहीं करेगा. सरकार ने तीन तेल कंपनियों के साथ मिलकर हाई लेवल कमेटी बनाई है तो स्थिति की निगरानी कर रही है, जो रेस्टोरेंटों, होटलों और अन्य इंडस्ट्री को गैस की सप्लाई की समीक्षा करेगी. भारत अपनी गैस की जरूरत को आयात से पूरा करता है. भारत में 33.2 करोड़ गैस उपभोक्ता है, जबकि कुल खपत 33.15 मीट्रिक टन है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वो घबराए नहीं. लोगों से पैनिक परचेंज नहीं करने की अपील की जा रही है. वहीं लोग घबराए हुए हैं.
