
काशीपुरा। कुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम भरतपुर में एक खनन माफिया को पकड़ने हेतु दबिश देने पहुंची मुरादाबाद पुलिस पर हमले और महिला की मौत के मामले में पुलिस के क्रॉस फायरिंग की जांच हेतु एफएसएल के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. दयाल सरन ने आज अपनी टीम के साथ पहुंचकर घटना स्थल से साक्ष्य एकत्र किये। वहीं, मुरादाबाद पुलिस का कहना है कि उनकी टीम ने फायरिंग नहीं की है। पुलिस वालों को बंधक बनाकर दूसरी तरफ से फायरिंग की गई है।
उधर डीआईजी नीलेश आन्न्द भरणे ने मीडिया को बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने गैंगस्टर व 50 हजार के ईनामी बदमाश को पकड़ने के लिए उत्तराखण्ड पुलिस को बिना सूचित किये ही ब्लॉक प्रमुख के घर को घेर लिया। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस को बिना सूचित किये दबिश देने की घटना को गलत बताते हुए मुरादाबाद डीआईजी को सख्त लहजे में पत्र लिखकर पुलिस के जबानों पर कड़ी कार्यवाही करने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्लॉक प्रमुख के घर से उप्र पुलिस के सरकारी बैपन व दो गाड़िया बरामद हुई हैं, जिन्हें एक सबूत के तौर पर न्यायालय में पेश किया जायेगा। वहीं, एसएसपी मंजुनाथ ने बताया था कि दबिश के दौरान यूपी पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच बहस हुई। जिसमें गोली चली तथा मुरादाबाद पुलिस और एक महिला घायल हो गयी थी। अस्पताल ले जाने के दौरान महिला की मौत हो गई थी। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने एनएच 74 पर जाम लगा दिया था। देर रात इस मामले में ब्लॉक प्रमुख गुरताज सिंह भुल्लर तहरीर पर 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 302, 452, 504, 120बी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। परिवार का आरोप है कि पुलिस की गोली से मौत हुई है। उधर पुलिस ने अपनी मौजूदगी में ब्लॉक प्रमुख गुरताज सिंह भुल्लर की पत्नी गुरजीत कौर के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। आज पूरे विधिविधान से मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया गय। इस दौरान पूरा इलाका सुरक्षा की दृष्टि से छाबनी के रूप में नजर आ रहा था। इस दौरान डीआईजी, एसएसपी के अलावा पीएसी, क्यू आरटी फायर सर्विस, दंगा नियंत्रण दल, क्यूआरटी व रेगुलर पुलिस का भारी बल शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु तैनात किया गया था। गुरताज सिंह भुल्लर की पत्नी की हुई मौत को लेकर आज प्रदेश के बड़े नेता तथा जनप्रतिनिधि उनके घर पहंुचे व उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान गदरपुर विधायक अरविन्द पाण्डेय, पूर्व सांसद बलराज पासी, ठाकुरद्वारा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक विजय यादव, जसपुर विधायक आदेश चौहान, मेयर ऊषा चौधरी, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा समेत प्रदेश के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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