करनाल । हरियाणा में एक पत्नी ने अपने प्रेम प्रसंग को परवान चढ़ाने के लिए अपने पति की ही हत्या करवा दी। जिले के नीलोखेड़ी निवासी 34 वर्षीय अमनदीप के हत्यारों का पुलिस ने पता लगा लिया है। पुलिस और परिवार जिसे बाहर ढूंढ रहे थे वो घर का ही सदस्य निकला। वह कोई और नहीं बल्कि अमनदीप का जीवनसाथी है। जी हां अमनदीप की पत्नी रविन्द्र कौर ने ही अपने प्रेमी से पति की हत्या करवाई है। सीआईए पुलिस ने अमनदीप की पत्नी के अलावा अंबाला के तीन युवकों को भी गिरफ्तार किया है। जिन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा। एसपी गंगाराम पुनिया ने बताया कि आरोपियों को रफ्तार किया गया है, जिसको लेकर पुलिस की तरफ से प्रेसवार्ता भी की जाएगी। पिता गुरजीत सिंह ने बताया कि अमनदीप दो बहन भाई हैं। उसका बेटा अमनदीप घर से रोजाना गांव उचाना में बनी जी-लैब में ग्राफिक डिजाइनर पद पर काम करने जाता था। रोजाना की तरह 24 नवंबर को अपनी बाइक पर लैब से घर के लिए निकला, पर घर नहीं पहुंचा। जब काफी समय तक नहीं आया तो उन्होंने उसकी पूरी तलाश की, लेकिन कहीं भी पता नहीं चला। जानकारी पुलिस को भी दी।
अगले दिन तरावड़ी के खेतों में शव पड़ा मिला। अमनदीप के सिर व गर्दन पर चोट के निशान बने हुए मिले। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें सौंप दिया। सीआईए करनाल ने जांच करते हुए अंबाला के तीन युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। उसके बाद मृतक की पत्नी को भी पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस का शक पूछताछ के बाद यकीन में बदल गया। रविवार रात को चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। जिन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा। मर्डर के पीछे की पूरी कहानी का पता लगाया जाएगा। नीलोखेडी के अमनदीप की वर्ष 2016 में अंबाला में शादी हुई थी। अब शादी को पांच वर्ष बीत चुके हैं। दोनों की शादी के बाद उनके पास डेढ साल की बेटी है। परिजनों ने बताया कि अमनदीप की पत्नी कोई भी काम अकेले नहीं करती थी। जब भी कोई काम करती, तब वो अपने साथ अपने पति को लेकर जाती। कभी उसे फोन पर भी किसी के साथ बातचीत करते नहीं देखा। ऐसे में परिवार के किसी भी सदस्य को अमनदीप की पत्नी रविंद्र कौर पर शक नहीं हुआ।
गुरुवार दोपहर को खेतों में खून से लथपथ शव पड़ा मिला। शव के पास ऑटो स्टार्ट करने वाली रस्सी भी मिली। पुलिस को शव के समीप से उसकी हीरो होंडा डीलक्स मोटरसाइकिल स्टैंड पर लगी हुई मिली। मोटरसाइकिल की चाबी नीचे पड़ी हुई थी। मोटरसाइकिल से कुछ गज की दूरी पर अमनदीप का शव खेत में पड़ा हुआ था। शव से करीब पंद्रह फीट की दूरी पर शराब की खाली बोतल मिली और खाली बोतल के ठीक सामने करीब दस फीट की दूरी पर बोतल का खाली रैपर भी मिले। रैपर और खाली बोतल के ठीक मध्य में दो प्लास्टिक के खाली गिलास और संतरे के ताजे छिलके पड़े हुए थे। शराब की बोतल के रैपर से करीब पंद्रह फीट की दूरी पर एक थर्मोकोल की प्लेट और दो सिल्वर के लिफाफे भी पड़े हुए थे। थर्मोकोल की प्लेट पर सब्जी लगी हुई थी। सिल्वर के एक लिफाफे में रोटी पैक करवाई गई लग रही थी। दूसरे लिफाफे में सब्जी के निशान मिले थे।

Наркологическая помощь клиники направлена не только на снятие острого состояния, но и на дальнейшее лечение алкогольной зависимости. Вывод из запоя на дому подходит пациенту, если нет признаков тяжелого отравления, психоза, судорог и опасных осложнений. Если состояние больного тяжелое, врач может рекомендовать лечение в стационаре клиники, где пациент находится под наблюдением медицинской команды, а терапия проходит безопаснее.
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Запойное состояние характеризуется не только физической, но и тяжелой психической зависимостью, когда человек уже не способен самостоятельно отказаться от алкоголя. Регулярное поступление этанола провоцирует глубокое нарушение обменных процессов и критическое обезвоживание. В подобной ситуации срочный вызов нарколога становится единственно верным решением, позволяющим предотвратить развитие необратимых последствий. Инфузионное введение лекарственных растворов восстанавливает объем циркулирующей крови и нормализует деятельность мозга, сердца и выделительных органов. Если ваш близкий говорит, что ему плохо и он чувствует общую слабость, не ждите ухудшения — заказать обратный звонок и вызвать врача можно прямо сейчас, даже в период праздников. В нашей клинике также можно получить консультацию нарколога и записаться на кодирование от алкоголизма.
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