स्वतंत्रता दिवस पर देश के रक्षकों को उर्वशी बाली ने किया नमन

काशीपुर। स्वतंत्रता दिवस के पावन आगमन अवसर पर समाजसेवी उर्वशी दत्त बाली ने अपने एक अनूठे और दिल को छू लेने वाले व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए कहा कि जब वह हर सुबह अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने जिप्सी से निकलती हैं, तो रास्ते में एक अमरूद के पेड़ की झुकी हुई टहनी और उस पर लगे फल सीधे उनकी जिप्सी के विंडस्क्रीन से टकराते हैं और जिप्सी के शीशे के कारण उनको चोट नहीं पहुंचती। ठीक इसी तरह हमारे देश की सीमाओं पर तैनात हमारे वीर सैनिक देश के लिए अदृश्य और अटूट ढाल हैं। वे हर मौसम, हर मुश्किल और हर खतरे को अपने सीने पर सहते हैं ताकि हम सब अपने घरों में आजादी की सांस ले सकें और सुरक्षित मुस्कुरा सकें। स्वतंत्रता दिवस पर वीर जवानों को बधाई संदेश देते हुएउर्वशी दत्त बाली भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना और सभी सीमा सुरक्षा बलों के वीरों को कोटि-कोटि नमन करते हुए और स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देती हैं और कहती है कि आप हैं, तो हमारी सुरक्षा है। आप सीमा पर डटे हैं, तभी हमारा भारत मुस्कुरा रहा है।
