कुमाऊं आयुक्त ने किया प्राचीन गोविषाण टीले का निरीक्षण
-सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के दिये निर्देश

काशीपुर। द्रोणा सागर के निकट स्थित प्राचीन गोविषाण टीले के संरक्षण और विकास को लेकर प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है। गुरुवार को कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ गोविषाण टीले का निरीक्षण कर इसकी वर्तमान स्थिति का विस्तृत जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अधिकारियों से गोविषाण टीले के ऐतिहासिक महत्व, अब तक किए गए संरक्षण कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि यह स्थल केवल काशीपुर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इसके मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। दीपक रावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि टीले पर आने वाले पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएं। साथ ही परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा, सूचना पट्ट, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि यहां आने वाले लोगों को बेहतर अनुभव मिल सके। निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी गोविषाण टीले के संरक्षण और विकास को लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इस अवसर पर पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने और ऐतिहासिक महत्व को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने पर भी चर्चा हुई। स्थानीय लोगों ने कुमाऊं आयुक्त के इस निरीक्षण का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि वर्षों से उपेक्षित इस ऐतिहासिक धरोहर को अब नई पहचान मिलेगी और गोविषाण टीला काशीपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकेगा।
