Aaj Ki Kiran

Dbali कंपनी डायरेक्टर उर्वशी दत्त बाली द्वारा  बच्चों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और नई skills सीखने के लिए सर्टिफिकेट और मेडल देकर सम्मानित किया

Spread the love

Dbali कंपनी डायरेक्टर उर्वशी दत्त बाली द्वारा  बच्चों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और नई skills सीखने के लिए सर्टिफिकेट और मेडल देकर सम्मानित किया

Dbali कंपनी डायरेक्टर उर्वशी दत्त बाली द्वारा  बच्चों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और नई skills सीखने के लिए सर्टिफिकेट और मेडल देकर सम्मानित किया
Dbali कंपनी डायरेक्टर उर्वशी दत्त बाली द्वारा  बच्चों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और नई skills सीखने के लिए सर्टिफिकेट और मेडल देकर सम्मानित किया

काशीपुर। Dbali कंपनी डायरेक्टर उर्वशी दत्त बाली द्वारा प्रतापपुर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालक छात्रावास में रहने वाले जिन 50 बच्चों को गोद लिया गया है उनका आज का दिन बेहद खास रहा। ✨
बच्चों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और नई skills सीखने के लिए सर्टिफिकेट और मेडल देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बच्चों के चेहरों पर खुशी, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का जज़्बा साफ दिखाई दे रहा था।
आज जब ये बच्चे अपने मेडल और सर्टिफिकेट लेकर घर जाएंगे, तो उनके परिवारों को भी गर्व महसूस होगा कि उनके बच्चे सीख रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं और अपने भविष्य को मजबूत बना रहे हैं।
उर्वशी दत्त बाली का मानना है कि ऐसे बच्चों के लिए Skill Development बेहद ज़रूरी है, ताकि उन्हें एक powerful platform मिल सके और वे पूरे confidence के साथ जिंदगी में आगे बढ़ सकें।
इसी सोच के साथ बच्चों को सिलाई, हेयर कटिंग, इलेक्ट्रिकल वर्क, क्राफ्ट, पेंटिंग, प्लंबिंग, कुकिंग और होटल हाउसकीपिंग जैसी practical skills सिखाई जा रही हैं, ताकि वे आने वाले समय में आत्मनिर्भर बन सकें।
इस पहल को सफल बनाने में छात्रावास के वार्डन देवेन्द्र कुमार पाण्डेय, उनके सभी सहयोगियों तथा खंड शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र कुमार साहू का विशेष सहयोग रहा, जिनका हृदय से धन्यवाद।
साथ ही शहर के कई लोग भी इस मुहिम में आगे आकर बच्चों के Skill Development में अपना योगदान दे रहे हैं।
मैं गुरुकुल स्कूल, इशिता सिंह, सुधा, संगीता गुप्ता, कृष्णा चावला और अमृत डिल्लन का दिल से धन्यवाद करती हूं, जो इन बच्चों का support system बनकर उनके बेहतर भविष्य के लिए साथ खड़े हैं।
ये वे बच्चे हैं जिनके माता-पिता नहीं हैं, या हालात ने उन्हें जिंदगी में अकेला छोड़ दिया। किसी के पिता नहीं, किसी की माँ नहीं…
लेकिन बच्चों में कभी कोई कमी नहीं होती, कभी-कभी हालात जिंदगी को मुश्किल बना देते हैं।
जरूरत सिर्फ एक मौके, सही मार्गदर्शन और साथ की होती है… ताकि ये बच्चे भी पूरे आत्मविश्वास के साथ कह सकें —
हा हमें सब आता है… हम भी किसी से कम नहीं।”