यूजीसी के विरोध में सवर्ण समाज ने की बैठक

काशीपुर। यूजीसी द्वारा प्रस्तावित 2026 के नए प्रावधानों के विरोध में काशीपुर में सवर्ण समाज की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शहर के विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक, शैक्षणिक और विधिक संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और प्रस्तावित नियमों को समाज को बांटने वाला तथा युवाओं के भविष्य के लिए घातक बताया।
बैठक में अखिल ब्राह्मण उत्थान महासभा काशीपुर महानगर, ब्राह्मण सभा समिति, देवभूमि पर्वतीय महासभा, गढ़वाल सभा, खत्री सभा, बिश्नोई सभा, अग्रवाल सभा, कुमाऊं वैश्य सभा, चौहान सभा, गौड़ ब्राह्मण सभा, क्षत्रिय सभा, पंजाबी सभा, व्यापार मंडल, सीनियर सिटीजन संगठन एवं काशीपुर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों से विशेष रूप से युवा वर्ग और विद्यार्थी सबसे अधिक प्रभावित होंगे। अधिवक्ताओं और शिक्षाविदों ने आशंका जताई कि इन प्रावधानों के तहत छोटी-छोटी बातों पर गैर-जमानती धाराओं में मुकदमे दर्ज होने की संभावना बढ़ जाएगी, जिससे शिक्षा संस्थानों में भय और भेदभाव का माहौल बनेगा। कहा कि सर्वाेच्च न्यायालय ने इन प्रावधानों पर फिलहाल रोक लगाई है, लेकिन यदि संसद के माध्यम से इन्हें लागू किया गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि इस कानून को पूरी तरह वापस लिया जाए। सभा में मंच पर अग्रवाल सभा के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, केडीएफ के अध्यक्ष राजीव घई, बीजेपी वरिष्ठ नेता आशीष गुप्ता, छात्र संघ के उपाध्यक्ष अमन रस्तोगी, राघवेंद्र नागर, सुशील गुड़िया, अधिवक्ता मनोज जोशी के अलावा ब्राह्मण सभा से सुभाष चंद्र शर्मा, कायस्थ सभा से अभिताभ सक्सेना, योगेश विश्नोई, डॉ. रजनीश कुमार शर्मा, बृजकिशोर सिंह, सौरभ चतुर्वेदी, संदीप चतुर्वेदी, गीता चौहान, हौसला मिश्रा, अभिषेक गोयल, विमल गुड़िया, हरीश कुमार सिंह एडवोकेट, शैलेन्द्र मिश्रा एडवोकेट, उमेश जोशी एडवोकेट, सर्वेश शर्मा शशि, सर्वेश शर्मा पूर्व पार्षद मयंक शर्मा गौरव गर्ग समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
