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नूपुर शर्मा के समर्थन में हिन्दूवादी संगठनों ने दिया ज्ञापन

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काशीपुर। भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में व उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही न किये जाने की मांग को लेकर विभिन्ना हिन्दूवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि देश में कुछ संकीर्ण विचारधारा वाले नासमझ देश विरोधी, साम्प्रदायिक राजनीति में लिप्त तत्वों द्वारा नूपुर शर्मा के विरु( दिये जा रहे जहरीले भाषणों, उनके विरु( समाज में बोए जा रहे नफरत के बीज और कई मुस्लिम धर्म गुरुओं द्वारा देश को हिंसा की आग में झोकने के कुत्सित प्रयासों की घोर कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। हम सभी एकमत हैं कि कुछ देश विरोधी तथाकथित मुस्लिम धर्मगुरु नूपुर शर्मा के बयान की आड़ में, सत्य एवं तथ्यों की पूर्ण जानकारी के अभाव में, भोले भोले मुस्लिम भाईयों को गुमराह करके देश के शान्तिपूर्ण वातावरण को भंग करके देश को हिंसा की आग में झोंककर अपनी राजनैतिक रोटियां सेखना चाहते हैं, जिसे इस देश में रहने वाला राष्ट्रीय विचारधारा का कोई भी नागरिक, उन्मादी भाषणों के हिमायती गुमराह मुस्लिम धर्मगुरुओं को कभी माफ नहीं करेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में धर्मयात्रा महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री कृष्ण कुमार अग्रवाल, राजेन्द्र प्रसाद राय, अशोक धीमान, पंकज अग्रवाल एडवोकेट, केवल कृष्ण छाबड़ा, पं. राघवेन्द्र नागर, संजय भाटिया, सुभाष भारद्वाज, योगेश विश्नोई, राजपाल सिंह चौहान, एड. विपिन कुमार अग्रवाल, एड. डीके सक्सैना, डॉ. महेश अग्निहोत्री,  मदनमोहन गोले, पं. अनिल शर्मा, क्षितिज अग्रवाल, एसके अग्रवाल, अश्वनी शर्मा आदि शामिल हैं।

One thought on “नूपुर शर्मा के समर्थन में हिन्दूवादी संगठनों ने दिया ज्ञापन

  1. Этанол и продукты его распада запускают целый каскад разрушительных реакций. В первую очередь страдают головной мозг, печень, сердце и почки. Из-за обезвоживания нарушается баланс солей, сгущается кровь, что создаёт риск тромбоза и инсульта. Развивается токсическое поражение печеночной ткани, а при отсутствии лечения может потребоваться экстренная госпитализация. Сильная головная боль, спутанность сознания и психоэмоциональное возбуждение — прямое следствие отека мозговых оболочек. Проведение анализа крови и мочи помогает оценить степень поражения и подобрать правильную схему лечения. В таких случаях только инфузионная капельница способна быстро восстановить обменные процессы в тканях, укрепить сосуды и стабилизировать общее состояние. Многие пациенты отмечают, что уже во время капельницы уходит чувство усталости и дрожи в конечностях.
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