अनिल शर्मा
नैमिषारण्य ( सीतापुर )
नैमिषारण्य से शुरू हुई 84 कोसी परिक्रमा हरदोई जनपद में चार पड़ावों की यात्रा पूर्ण करके सीतापुर की सीमा में प्रवेश करेगी।
सीतापुर में प्रवेश करने पर अफसरों की ओर से स्वागत किया जाएगा। सीतापुर में परिक्रमा अपने छठे पड़ाव देवगवां पहुंचेगी। आगे के सभी पड़ाव जनपद में ही पड़ेंगे।
भक्ति और मोक्ष की कामना से इस परिक्रमा में भाग ले रहे लाखों श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। इस अनोखे धर्म पथ पर देश विदेश के लाखों श्रद्धालु भक्ति भाव में लीन दिखाई दिए। जिसमें कोई संत जहां फक्कड़ भाव से चिमटा बजाते हुए अपनी ही धुन में गुनगुनाता जा रहा था तो कोई संत पालकी में बैठकर परंपरा का निर्वहन करते दिख रहा था।
कई संत डमरू की धुन पर सबको मंत्रमुग्ध कर रहे थे। परिक्रमा पथ पर भक्ति का आलम कुछ ऐसा था कि एक और जहां श्रद्धालु परिक्रमा पथ पर ही दंडवत प्रणाम की मुद्रा में थे तो बच्चों के साथ साइकिल पर ही परिक्रमा मार्ग पर बढ़ रहे थे। मध्य प्रदेश से आई कई महिला श्रद्धालु भगवान शालिग्राम और तुलसी जी के पौधे को अपने सिर पर रख करके परिक्रमा करते दिखी।84 कोसी परिक्रमा अपने पांचवें पड़ाव साखिन गोपालपुर से अगले दिन मंगलवार सुबह छठे पड़ाव देवगवां सीतापुर पहुंचेगी। इस दौरान यात्रा में परिक्रमार्थी परिक्रमा मार्ग में द्रोणाचार्य, श्रंगी ऋषि, मां अन्नपूर्णा आदि प्रमुख तीर्थ और मंदिरों के दर्शन करते है। इस बीच गोमती नदी पर श्रद्धा का एक अलग ही संगम देखने को मिलता है।
