Aaj Ki Kiran

50 बेसहारा बच्चों का सहारा बनीं उर्वशी दत्त बाली

Spread the love

 

50 बेसहारा बच्चों का सहारा बनीं उर्वशी दत्त बाली

50 बेसहारा बच्चों का सहारा बनीं उर्वशी दत्त बाली
50 बेसहारा बच्चों का सहारा बनीं उर्वशी दत्त बाली

फोटो-1 बेसहारा बच्चों के साथ मौजूद उर्वशी बाली व अन्य
काशीपुर। उर्वशी दत्त बाली इन दिनों अपना जीवन उन 50 बच्चों के लिए समर्पित कर चुकी हैं, जो बिन मां बाप के हैं। किसी या बाप नहीं है तो किसी की मां नहीं। ये वो बालक है, जो हॉस्टल में नई शुरुआत कर रहे हैं। उर्वशी बाली ने अपने क्लब, किट्टी और सामाजिक कार्यक्रमों से दूरी बनाकर पूरी तरह इन बच्चों की देखभाल और उनके भविष्य निर्माण में खुद को लगा दिया है।
आज पापा बेकर्स की ओर से बच्चों को विशेष कुकिंग क्लास दी गई। इन बच्चों में कई बिल्कुल अकेले हैं, लेकिन अब शहर के लोग ही उनका परिवार बनते जा रहे हैं। डॉ. रवि सहोता व अमन सहोता ने बच्चों के स्किल डेवलपमेंट के लिए 1 लाख रूपये का सामान प्रदान करते हुए कहा कि वे भी आज से हमेशा बच्चों के साथ खड़े रहेंगे। ममता सिंह अपनी चार फौजी बहनों के साथ बच्चों से मिलीं और कहा कि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ इन बच्चों की मदद करती रहेंगी। हॉस्टल की प्रिंसिपल ज्योति राणा और पूरा स्टाफ इन बच्चों के लिए शिक्षक ही नहीं, बल्कि अभिभावक की तरह काम कर रहे हैं। उर्वशी दत्त बाली स्किल की क्लास लगा रही है, शांतनु चिकारा की इंग्लिश स्पीकिंग, नेत इंदू समिति के दिव्यांग बच्चों के द्वारा स्किल्स, जगमोहन बंटी द्वारा डांस,  रजनी ठाकुर जी स्टिचिंग की क्लासेस, संजीवनी हॉस्पिटल की तरफ से फर्स्ट एड क्लास और स्कूल के सभी टीचर उन बच्चों पर मेहनत करके, उन चीजों को पक्का करवा रहे हैं। उर्वशी बाली की पहल, लगातार बड़ा स्वरूप ले रही है और हर दिन पूरा शहर इन 50 बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए एकजुट होता दिख रहा है।