बहराइच । बहराइच जिले में भारी बारिश व बाढ़ के कारण पानी भरने से सभी मार्ग बंद होने पर नाव से अस्पताल जा रही गर्भवती महिला ने नाव में ही बच्ची को जन्म दे दिया। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित व स्वस्थ हैं। इसके लिए जिलाधिकारी दिनेश चन्द्र सिंह ने प्रसव कराने वाली स्वास्थ्य कर्मी को प्रशस्ति-पत्र व नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया है।नेपाल व बहराइच में हुई अधिक वर्षा के कारण जिले में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इस कारण जिले में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं।
हालात का जायजा लेने वह मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित नेपाल सीमावर्ती सुजौली प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे थे। उसी समय महिला स्वास्थ्य कर्मी एक महिला व उसकी नवजात बच्ची को लेकर पहुंची। जिलाधिकारी के अनुसार बाढ़ के चलते सुजौली थाना क्षेत्र के नौकापुरवा गांव में पानी भर जाने व सभी मार्ग बंद हो जाने के कारण गर्भवती महिला को प्रसव हेतु नाव से सुजौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) लाया जा रहा था।
नाव पर एएनएम सत्यवती भी सवार थीं। इस दौरान गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। सिंह के अनुसार एएनएम ने विपरीत हालात में, एक बैनर से नाव पर पर्दे की व्यवस्था कर सुरक्षा घेरा बनाया। उन्होंने बताया कि एएनएम ने महिला की जान तो बचा ही ली, साथ ही नाव पर सुरक्षित प्रसव भी करा दिया। प्रसव के बाद इलाज व देखरेख हेतु महिला व नवजात को लेकर एएनएम अस्पताल पहुंच गयीं। जिलाधिकारी ने बताया कि सत्यवती को उनके विवेकपूर्ण साहसिक कार्य के लिए प्रशस्ति-पत्र व नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। धात्री महिला व नवजात बच्ची को भी उपहार स्वरूप नगद राशि दी गयी है। निरीक्षण के दौरान सुजौली पीएचसी पर तैनात चिकित्सक डॉ. प्रमोद कुमार के ड्यूटी पर मौजूद न मिलने के कारण डीएम ने उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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