
काशीपुर के नव निर्माण के लिए दीपक बाली को चुनाव जिताने का लिया संकल्प
काशीपुर ।भाजपा और कांग्रेस छोड़कर आज आठ ग्राम प्रधान आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। पार्टी के विधायक प्रत्याशी एवं चुनाव कैंपेन कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बाली ने उत्तराखंड एवं काशीपुर के नव परिवर्तन की इस लड़ाई में सभी ग्राम प्रधानोंका स्वागत कर उन्हें पार्टी में आने पर जोरदार अभिनंदन कर आम आदमी पार्टी की सदस्यता दिलाई ।
भाजपा और कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए ग्राम प्रधानों में ग्राम पैगा के भाजपा के ग्राम प्रधान अरविंद कुमार ,ग्राम बघेले वाला गिरधई के ग्राम प्रधान नौबहार सिंह, ग्राम गिन्नी खेड़ा की प्रधान सुनीता देवी तथा कांग्रेस छोड़कर आए ग्राम शिवलालपुर अमर झंडा के प्रधान अंकुर कुमार ,ग्राम इस्लाम नगर के प्रधान नाजिर हुसैन ,गुलडिया के ग्राम प्रधान रियासत हुसैन तथा बांस खेड़ा कला व खुर्द / बांस खेड़ी के प्रधान शकील अहमद एवं गढी इंद्रजीत के बीजेपी छोड़कर आए प्रधानअजय पालआदि रहे। गिन्नी खेड़ा की प्रधान सुनीता देवी अपनी माता जी की अचानक तबीयत खराब हो जाने के कारण प्रेस वार्ता में नहीं पहुंच पाई। उनके पति ने उनके समर्थन का पत्र दीपक बाली को सौंपा वही इस्लाम नगर के प्रधान नाजिर हुसैन गुलडिया में चुनावी सभा की तैयारी के चलते प्रेस वार्ता में तो नहीं पहुंचे मगर उन्होंने कहा कि वह चुनावी सभा में ही आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहणकरेंगे। भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा के 20 वर्षों के कार्यकाल में राष्ट्रीय पहचान रखने वाले काशीपुर की विकास के मामले में दुर्दशा का दर्द इन ग्राम प्रधानों के चेहरों पर स्पष्ट नजर आया। इनका कहना है कि जहां एक और भाजपा विधायक अपने चार बार के कार्यकाल में भी प्रदेश में दो बार अपनी सरकार आने के बावजूद काशीपुर क्षेत्र का कोई विकास नहीं करा पाए और विकास के नाम पर झूठी दिलासा देते रहे वहीं काशीपुर की इस दुर्दशा के लिए कांग्रेस भी बराबर की जिम्मेदार है क्योंकि प्रदेश में दो बार उसकी भी सरकार रही है। केसी सिंह बाबा दो बार विधायक रहने के साथ-साथ नैनीताल उधम सिंह नगर क्षेत्र के सांसद भी रहे। बावजूद इसके उन्होंने भी विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। ग्राम प्रधानों ने अपना दर्द व्यक्त करते हुए कहा कि कायदे में तो विधायक चीमा और पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा को जनता से वोट मांगने का भी कोई नैतिक अधिकार नहीं है ।कांग्रेस ने जहां एक ओर काशीपुर की जनता पर राजशाही थोपी है तो वहीं भाजपा ने वंशवाद थोपते हुए विधायक पुत्र को चुनाव मैदान में उतारा है। दोनों ही पार्टियों के उम्मीदवार जनता को नहीं जानते और न जनता ही उन्हें जानती और पहचानती है ।फिर भला ऐसे उम्मीदवारों को चुनने का क्या लाभ ?जो न अपने क्षेत्र की जानकारी रखते हैं और न जनता को ही पहचानते हैं। भला जिन्हे शहर के गली मोहल्लों और अपने क्षेत्र के ग्रामों तक की जानकारी नहीं उन्हें वहां की जनसमस्याओं का क्या पता होगा? क्षेत्र की जनता को चाहिए कि इन दोनों ही उम्मीदवारों को नकार कर अपनी जागरूकता का परिचय दे और दिल्ली विकास मॉडल के तहत उत्तराखंड को भी देश का विकास मांडल बनाने का सपना लेकर देवभूमि में आई आम आदमी पार्टी को काम की राजनीति के चलते एक मौका दे। अरविंद केजरीवाल झूठ नहीं बोलते ।वह जो कहते हैं करके दिखाते हैं ।आज दिल्ली खुद मुंह से बोल रही है कि उसे आम आदमी पार्टी ने चमकाया है। भाजपा और कांग्रेस की तरह अरविंद केजरीवाल उत्तराखंड में कोरे चुनावी वायदे नहीं बल्कि विकास करने की गारंटियां दे रहे हैं। उनकी इसी विकास की सोच को देखते हुए हम सभी ग्राम प्रधान श्री केजरीवाल से प्रेरित होकर आज आम आदमी पार्टी में शामिल हुए हैं ताकि दीपक बाली चुनाव जीतकर काशीपुर को पुनःउसकी राष्ट्रीय पहचान दिलाते हुए काम की राजनीति के द्वारा इस क्षेत्र को रसातल से निकालकर विकास का एक बेहतर मॉडल बनाएं। ग्राम प्रधानों ने खुद कहा कि कांग्रेस एक डूबता हुआ जहाज है जिसे चुनाव हारने की आदत पड़ चुकी है, तो भाजपा जन भावनाओं से खेलकर झूठे वादों के सहारे सरकार बनाती है। कांग्रेस को वोट देने का मतलब है भाजपा की सरकार बना देना अतः इस बार काशीपुर क्षेत्र की जनता को न तो भाजपा को वोट देना चाहिए और ना ही उस कांग्रेस को वोट देकर अपना वोट खराब करना चाहिए जो पिछले 20 सालों से आज तक जनता का वोट लेकर भी भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा को नहीं हटा पाई ।यह काम भी अब आम आदमी पार्टी के विधायक प्रत्याशी दीपक बाली को ही करना होगा अत : जनता इस बार किसी के भी बहकावे में आने के बजाय एक बार दीपक बाली को भी मौका दें ।इस अवसर पर आप प्रत्याशी दीपक बाली ने कहा कि परिवर्तन की इस लड़ाई में जनता और उसके द्वारा चुने हुए ग्राम प्रधानों का उन्हें जो स्नेह और सहयोग मिला है उसके प्रति वें न सिर्फ कृतज्ञ हैं बल्कि उन्हें विश्वास है कि काशीपुर के नव निर्माण की इस लड़ाई में उन्हें बहुत ताकत मिलेगी और यही ताकत काशीपुर क्षेत्र में इस बार भाजपा के विधायक हरभजन सिंह चीमा के चुनावी ताबूत की अंतिम कील साबित होगी ।उन्होंने जनता से एक बार फिर अनुरोध किया कि विकास के नाम पर उन्हें बस एक बार मौका दे ।मैं जनता के भरोसे को नहीं तोडूंगा और ऐसा नहीं कर पाया तो दोबारा वोट मांगने नहीं आऊंगा ।इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष मुकेश चावला जिला उपाध्यक्ष अमन बाली अभिताभ सक्सेना महानगर अध्यक्ष मनोज कौशिक महानगर महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती ऊषा खोखर ,रिटायर्ड तहसीलदार मनोरथ लखचौरा विधानसभा चुनाव संयोजक जसवीर सिंह सैनी हरीश कुमार आनंद कुमार पाल जसपाल सिंह टिल्लू अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रईस परवाना डॉ विजय शर्मा नील कमल शर्मा हर्ष बाली पवित्र शर्मा आयुष मेहरोत्रा मनोज कुमार शर्मा पूजा अरोरा राजकुमार वर्मा मधुबाला सचदेवा सूरजी बिष्ट आशु भारती सोनी वर्मा आमिर हुसैन रजनी ठाकुर ,सरदार महेंद्र सिंह ,ग्रामीण मंडल उपाध्यक्ष साहब सिंह सहित आम आदमी पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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In Wien kann man die Vielfalt osterreichischer Weine auf besondere Weise entdecken. Die Region ist bekannt fur ihren exzellenten Wei?wein, besonders den Grunen Veltliner. Die Weinkeller Wiens locken mit ihrem authentischen Charme und kostlichen Tropfen.
Das milde Klima und die mineralreichen Boden begunstigen den Weinbau. Daher gedeihen hier besonders aromatische Rebsorten.
#### **2. Beliebte Weinregionen und Weinguter**
In Wien gibt es mehrere renommierte Weinregionen, wie den Nussberg oder den Bisamberg. Diese Gebiete sind fur ihre Spitzenweine international bekannt. Familiengefuhrte Weinguter bieten oft Fuhrungen und Verkostungen an. Oft gibt es auch regionale Speisen zur perfekten Weinbegleitung.
Ein Besuch im Weingut Wieninger oder im Mayer am Pfarrplatz lohnt sich. Hier verbinden sich Tradition mit innovativen Methoden.
#### **3. Ablauf einer typischen Weinverkostung**
Eine klassische Wiener Weinverkostung beginnt meist mit einer Kellertour. Oft werden historische Anekdoten zum Weinbau geteilt. Danach folgt die Verkostung unterschiedlicher Weine. Jeder Wein wird sorgfaltig prasentiert und verkostet.
Haufig werden die Weine mit lokalen Kasesorten oder Brot serviert. Das unterstreicht die Geschmacksnuancen der Weine.
#### **4. Tipps fur unvergessliche Weinverkostungen**
Um das Beste aus einer Weinverkostung in Wien herauszuholen, sollte man vorher buchen. Viele Weinguter haben begrenzte Platze und sind schnell ausgebucht. Zudem lohnt es sich, auf die Jahreszeiten zu achten. Im Winter bieten viele Weinguter gemutliche Kellerveranstaltungen.
Ein guter Tipp ist auch, ein Notizbuch mitzubringen. Viele Gaste schatzen spater die Erinnerungen an die Verkostung.
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### **Spin-Template fur den Artikel**
#### **1. Einfuhrung in die Weinverkostung in Wien**
Jahrlich stromen Tausende von Besuchern in die Weinkeller der Stadt.
#### **2. Beliebte Weinregionen und Weinguter**
Sie sind bekannt fur ihre ausgezeichneten Jahrgange.
#### **3. Ablauf einer typischen Wiener Weinverkostung**
Von frischen Wei?weinen bis zu kraftigen Rotweinen ist alles dabei.
#### **4. Tipps fur unvergessliche Weinverkostungen**
Viele Gaste schatzen spater die Erinnerungen an die Verkostung.
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**Hinweis:** Durch Kombination der Varianten aus den -Blocken konnen zahlreiche einzigartige Texte generiert werden, die grammatikalisch und inhaltlich korrekt sind.