बच्चे की दिनचर्या पर ध्यान दें माता-पिता: उर्वशी बाली

काशीपुर। समाजसेवी एवं डी बाली ग्रुप की डायरेक्टर श्रीमती उर्वशी दत्त बाली कहती हैं कि कुछ स्कूलों में बच्चों की परीक्षाएं शुरू हो चुकी है तो कुछ में शुरू होने वाली हैं। ऐसे में हम सभी अभिभावकों को चाहिए कि अपने बच्चों की पढ़ाई पर अधिक से अधिक ध्यान दें क्योंकि बाद में परीक्षा में कम नंबर आने पर हम दोष देते हैं स्कूलों को। स्कूल बदलना समस्या का समाधान नहीं है। समाधान है हमारे द्वारा अपने बच्चों पर ध्यान रखना। उन्हें समय देना। आपने देखा होगा कि किसी परिवार के दो या तीन बच्चे किसी स्कूल में पढ़ते हैं तो उनमें से किसी के बहुत अच्छे नंबर आते हैं तो किसी के बहुत कम। इसका मतलब है स्कूल तो ठीक है लेकिन कमी हमारी परवरिश और बच्चों की पढ़ाई की देखभाल में है। हमारे जिस बच्चे के नंबर अच्छे आए हैं स्कूल उसका भी वही है और जिस बच्चे के नंबर कम आए हैं स्कूल उसका भी वही है। फिर दोष स्कूल का कहां हुआ? उन्होंने कहा कि सभी बच्चों के पास 24 घंटे हैं, फर्क सिर्फ़ दिशा का है, जो कक्षा में प्रथम आता है, उसके पास भी 24 घंटे हैं, जो औसत अंक लाता है, उसके पास भी वही समय है। उन्होंने कहा कि स्कूल या ट्यूशन सिर्फ़ दिशा देते है, लेकिन उस दिशा पर बच्चा चल रहा है या नहीं यह देखने की ज़िम्मेदारी माता-पिता की होती है। बच्चों को पूरी तरह स्कूल और ट्यूशन के भरोसे छोड़ देना सही समाधान नहीं है। माता-पिता बच्चे की दिनचर्या पर ध्यान दें, उसे टाइम टेबल बनाना सिखाएँ, उसकी मेहनत को समझें और उससे नियमित संवाद बनाए रखें ताकि बच्चे हीन भावना का शिकार न हों।
