काशीपुर। कोरोना के चलते हुई खराब हालात में फीस न दे पाने से परेशान छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। घटनास्थल से मृतका के मोबाइल और डायरी को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। प्रभु बिहार कालोनी निवासी 22 वर्षीय निशा पुत्री स्व. सतपाल सिंह देहरादून के एक कालेज से प्रथम वर्ष बीटेक कर रही थी। इन दिनों उसकी आनलाइन क्लास चल रही थी। जिस वजह से वह घर से ही पढ़ रही थी। घर में मां और बेटी अकेली ही रह रही थी। एक बेटी का विवाह हो चुका है वह प्रभु बिहार में ही अपनी ससुराल में रहती है। मृतका के बहनोई कपिल सक्सैना ने बताया कि परिवार में कोई मतभेद नहीं था। हालांकि मृतका काफी रिजर्व स्वभाव की थी। कटोराताल पुलिस चैकी इंचार्ज नवीन बुधानी ने बताया परिजनों से पूछताछ में पता चला कि पिछले कोरोना काल में आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से कालेज की फीस जमा नहीं कर पायी थी। इधर कालेज वाले फीस के लिए दबाव बना रहे थे। बीती रात मां और बेटी के बीच फीस को लेकर कुछ बात हुई थी। मृतका की मां ने बताया कि रोज की तरह वह रात को वह अपने कमरे में सोने के लिये चली गई थी। आज सुबह जब कमरा बाहर से खटखटाया। दरवाजा नहीं खुलने पर बाहर से जोर से दरवाजे को धक्का दिया तो अंदर लगी चिटकनी खुल गई। कमरे में निशा का शव दुपट्टे से पंखे में लटका हुआ पाया गया। यह देखकर मां सुरेंद्र कौर बदहवास हो गई और कुछ ही दूरी पर रहने वाले अपने दामाद कपिल सक्सैना को फोन किया। पड़ोस के लोग चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे और शव को पंखे से नीचे उतारा। तथा पुलिस को सूचना दी। मां ने बताया कि निशा ऊपरी मंजिल में कम ही जाती थी। अधिकतर नीचे के ही हिस्से में रहती थी। मृतका की मां पति की मृत्यु के बाद यहाँ रोडवेज के पास एक ढाबा चलाकर परिवार का गुजर बसर करती थी।

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