
हमले के बाद तेंदुए की दहशत से गांव में कोहराम मच गया
ठाकुरद्वारा / डिलारी( मुरादाबाद )
कड़कडाती ठंड में गर्म लिहाफो मैं सो रहे लोगों पर तेंदुए ने हमला बोल दिया । जिसमें 4 बच्चों सहित 7 लोग घायल हो गए । तेदुएं को देख परिजनों की रूह कांप उठी । शोर-शराबे की सूचना पर भीड़ एकत्र होती देख तेंदुआ जंगलों में समा गया ।
मामला थाना डिलारी के गांव मूलावान का है I बीती रात बाशिंदे अपने घरों में लिहाफ और कंबल लपेटकर सो रहे थे ,कि आधी रात को अचानक गांव के आरिफ के घर से चीख पुकार होने ब बचाओ-बचाओ के बीच तेंदुए ने हमला कर दिया। आसपास के घरों के लोग जाग गए और घटना की और दोडे । लेकिन अलग अलग घरो से चीख्रें गूंजने लगी और फिर एक और घर से यही चीखें आई तो गांव में जाग हो गई। गांव में कोहराम मच गया और ग्रामीण रातभर अपने बच्चों की हिफाजत करने लगे। तेंदुए के हमले से चार बच्चों समेत सात लोग जख्मी हो गए। पुलिस को सूचना दी गई तो वन विभाग की टीम भी आ गई, लेकिन कुछ साफ नहीं हो सका। दोपहर में फिर वन विभाग की टीम ने गांव का दौरा किया, हालांकि टीम का कहना है ,कि पैरों के निशान और हमले से लगता है कि तेंदुआ नहीं आया था। हमलावर कौन से जानवर हुआ यह बताने की स्थिति में टीम नहीं थी।
रात भर जाग कर की अपने घरों की रखवाली

डिलारी क्षेत्र के मूलावान गांव में आधी रात को तेंदुए ने गांव के अलग-अलग घरों में हमला कर दिया ।इरफान अहमद, सुकलीन और आरिफ के घर हमला किया। हमले में छोटे (4) साकिब (6) अल्फिजा (10) उज्मा (4) के साथ अनतुम, इरफान आदि को जख्मी कर दिया। ग्रामीण गुड्डू ने बताया कि रात में घना कोहरा होने के कारण घरों से बाहर कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। रात करीब डेढ़ बजे जानवर ने कई घरों में हमला किया। देखने में वह तेंदुआ ही लग रहा था। गांव के लोगों ने शोर मचाकर तेंदुए को भगाने का प्रयास किया। ग्राम प्रधान गब्बन ने बताया ,कि रात भर पूरा गांव जाग कर बच्चों की हिफाजत करता रहा। रातभर लोग शोर शराबा करते रहे। उन्होंने पुलिस को फोन किया था, लेकिन पुलिस नहीं आई। तड़के चार बजे वन विभाग की टीम आ गई थी, लेकिन उन्हें कुछ समझ नहीं आया ।
मूलावान गांव के ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए ने हमला किया है लेकिन वन विभाग की टीम का कहना है कि अन्य किसी जानवर ने हमला किया ।
दोपहर करीब साढ़े बारह बजे फिर वन विभाग की टीम ने गांव का दौरा किया। उन्होंने घायलों के परिजन से जानवर की बाबत पूछताछ की और आसपास से जानवर के पेरों के निशान का नमूना भी लिया। बीट इंचार्ज गणेश ने बताया कि तेंदुआ की पहचान नहीं हो रही है। पेरों के निशान अलग हैं और हमला करने का तरीका भी। तेंदुआ गले पर वार करता है जबकि घायलों के सिर, गाल आदि पर पंजे के निशान हैं। गणेश ने कहा कि हमला करने वाला कौन से जानवर था, यह अभी नहीं कहा जा सकता है। वह एकत्र किए साक्ष्य को जांच के लिए भेज रहे हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

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