काशीपुर। सूर्या फाउण्डेशन के नई दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में सूर्या फाउण्डेशन के शिक्षा विभाग द्वारा सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसके मुख्य वक्ता डाॅ. कुलदीप अग्रवाल चेयरमैन शिक्षा बोर्ड-सिक्किम, सूर्या फाउण्डेशन के अधिकृत कार्यकर्ता तथा अलग-अलग संस्थाओं से आये शिक्षाविद और प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
प्रो. एच.एल. शर्मा ने डाॅ. कुलदीप अग्रवाल का अभिनन्दन करते हुए सूर्या फाउण्डेशन के चेयरमैन पद्मश्री जयप्रकाश के मार्गदर्शन में एक कक्षा-एक किताब परियोजना की सन 1999 से आज तक की यात्रा पर प्रकाश डाला। सूर्य भारती प्रथम नवंबर 2000 में प्रकाशित हुई। इसी श्रृंखला में द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ और पंचम बनी। सरकारी कमिटियों के संदर्भ में निरंतर इनमें सुधार होते रहे हैं। समेकित पाठ्यचर्या के अंतर्गत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम सन 2000 से ही चले। स्कूल के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूल भारती आर्गेनाइजेशन ;एसबीओद्ध का गठन किया गया। जिसके अंतर्गत आज 600 से अधिक विद्यालय हैं। उन्होंने सनातन शिक्षा प(ति की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि बच्चों के पंचकोषीय सर्वांगीण विकास की चर्चा करते हुए गिजूभाई की शिक्षा प(ति की चर्चा की। आपने शिक्षण की पंचपदी पर विशेष जोर दिया। हमारी शिक्षा में अंग्रेजों ने जो गिरावट लाने का काम किया है उसे हमें ठीक करना है, और ठीक करेंगे। सूर्या फाउण्डेशन के इस अद्भुत प्रयास की उन्होंने सराहना की।
