विधायक अरविन्द पाण्डे पर बरसे नामधारी व कांबोज

काशीपुर। गदरपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष सुरेश कांबोज व वरिष्ठ भाजपा नेता सुखदेव सिंह नामधारी आज काशीपुर पहुंचे और प्रेस वार्ता कर पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान भाजपा विधायक अरविन्द पाण्डे के राजनीतिक भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिये।
इन नेताओं ने दो टूक स्पष्ट किया कि अरविन्द पाण्डे की कार्यशैली और उनकी संदिग्ध गतिविधयां लगातार संगठन की गरिमा और राज्य सरकार की साख को बट्टा लगाने का काम कर रही है, जिसके चलते अब उन्हें पार्टी से निष्कारिसत करने की पटकथा लगभग लिखी जा चुकी है। नेताओं ने आरोप लगाया कि जिस भाजपा ने उन्हें शिखर तक पहुंचाया, उसी की जड़ों को वह खोखला करने का प्रयास कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं के बीच लगातार भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। इस दौरान सुरेश कांबोज ने धामी सरकार की उपलब्धियों का गुणगान किया। साथ ही यह भी कहा कि संगठन के भीतर कुछ ऐसे दीमक लग चुके हैं जो पार्टी की छवि को नुकसान पहंुचा रहे हैं। सुखदेव सिंह नामधारी व सुरेश कांबोज ने दस्तावेजी प्रमाणों का हवाला देते हुए दावा किया कि विधायक और उनके करीबियों ने गदरपुर और आसपास के क्षेत्रों में सरकारी भूमियों के साथ-साथ जनजातीय और आरक्षित वर्गों की जमीनों का नियम विरू( बंटरबांट किया है। उन्होंने विशेष रूप से सेमलपुरी क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यहां बड़े पैमाने पर जमीनों की खरीद-फरोख्त और नामांतरण में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी अनिवार्य है।
इन नेताओं ने दो टूक स्पष्ट किया कि अरविन्द पाण्डे की कार्यशैली और उनकी संदिग्ध गतिविधयां लगातार संगठन की गरिमा और राज्य सरकार की साख को बट्टा लगाने का काम कर रही है, जिसके चलते अब उन्हें पार्टी से निष्कारिसत करने की पटकथा लगभग लिखी जा चुकी है। नेताओं ने आरोप लगाया कि जिस भाजपा ने उन्हें शिखर तक पहुंचाया, उसी की जड़ों को वह खोखला करने का प्रयास कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं के बीच लगातार भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। इस दौरान सुरेश कांबोज ने धामी सरकार की उपलब्धियों का गुणगान किया। साथ ही यह भी कहा कि संगठन के भीतर कुछ ऐसे दीमक लग चुके हैं जो पार्टी की छवि को नुकसान पहंुचा रहे हैं। सुखदेव सिंह नामधारी व सुरेश कांबोज ने दस्तावेजी प्रमाणों का हवाला देते हुए दावा किया कि विधायक और उनके करीबियों ने गदरपुर और आसपास के क्षेत्रों में सरकारी भूमियों के साथ-साथ जनजातीय और आरक्षित वर्गों की जमीनों का नियम विरू( बंटरबांट किया है। उन्होंने विशेष रूप से सेमलपुरी क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यहां बड़े पैमाने पर जमीनों की खरीद-फरोख्त और नामांतरण में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी अनिवार्य है।
