अनिल शर्मा
ठाकुरद्वारा ( मुरादाबाद )
ठाकुरद्वारा। क्षेत्र के गांव भायपुर मे चल रही नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में कथावाचक ने मनुष्य को अच्छे कर्म करने को कहा कहा कि फल मनुष्य को कर्मों के अनुसार हो मिलते हैं । अच्छे कर्म करोगे तो अच्छा फल मिलेगा बुरा कर्म करने वालों को बुरे ही फल मिलेंगे । अर्थात मनुष्य को सदैव स्वच्छता के साथ अच्छे कर्म करने चाहिए ॥
भागवत कथा के प्रथम दिन मथुरा वृंदावन से आए कथावाचक ने बताया कि हिंदुत्व धर्म की मर्यादा कहती है ,कि मनुष्य को परमपिता परमात्मा का चिंतन करना चाहिए क्योंकि जो मनुष्य परमपिता परमात्मा चिंतन ब पूजा अर्चना करता है ,उसे दुख नहीं भोगने पड़ते साथ ही साथ कहा कि परमपिता के बिना इस दुनिया में जीव का कोई सहारा नहीं है जो प्रकृति की देन है मनुष्य का शरीर पांच तत्वों से बना है जल ,वाचु,अग्नि ,पृथ्वी, आकाश ,जो प्राकृतिक हैं आगे कहा कि मनुष्य का शरीर तो नाशवान है और आत्मा अजर अमर है मनुष्य का शरीर मरने के बाद पांच तत्व में विलीन हो जाता है और सुक्ष्म आत्मा अपने कर्मों का भोग भक्ति है इसलिए मनुष्य को अच्छे कर्म करने चाहिए।कथा के दौरान गज राम सिंह, रामअवतार मीणा, हरपाल सिंह, रुकमणी देवी कमलेश देवी, पूनम देवी ,मंजू देवी आदि मौजूद रहे
