सीतापुर । जहां शादियों में दहेज न मिलने पर बेटियां डर.डर के ससुराल में अपना जीवन यापन कर रही हैं तो वहीं समाज में एक माँ ने अपने पुत्र का विवाह बिना दहेज का करके एक बड़ी मिसाल प्रस्तुत की है। विकासखण्ड पिसावां तहसील क्षेत्र मिश्रिख के अंतर्गत ग्रामसभा हरनी कीरतपुर की रहने वाली मुन्नी देवी पत्नी स्वर्गीय महा सिंह के द्वारा अपने पुत्र के विवाहोत्सव पर बिना दहेज के शादी करके समाज में एक मिसाल कायम की है। दहेज रूपी सामाजिक कुप्रथा से समाज त्रस्त है लेकिन मुन्नी देवी के पुत्र कुलदीप सिंह ने एक रुपये में शादी करके समाज में दहेज लेने वालों के लिए एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। यूं तो आज समाज का हर क्षेत्र दहेज प्रथा से पीडि़त है। समाजसेवी लोग समय समय पर मंचों से दहेज प्रथा को समाप्त करने की बात करते आ रहे हैं। किन्तु प्रथा बंद होने का नाम ही नहीं ले रही है। मुन्नी देवी के पति महा सिंह का निधन करीब 11 माह पहले हो गया था। घर की जिम्मेदारी भी उनके ऊपर ही हो गई थी फिर भी मुन्नी देवी ने उन समाजसेवियों में से एक हैं जिन्होंने अपने पुत्र कुलदीप सिंह की शादी रामकोट गांव के मजरा गणेशखेरा निवासी राम औतार सिंह की पुत्री क्रांति उर्फ डाली सिंह से की है। हाल ही में संपन्न इस शादी में बिना दहेज लिए ही शादी की गई है। शादी के इस मौके पर उन्होंने लोगों से इस दहेज की कुप्रथा का अंत करने पर जोर दिया है। बिना दहेज की शादी के लिए वर कुलदीप सिंह की बहन और बहनोई ने बिना दहेज की शादी को सम्पन्न कराने में अहम भूमिका निभाई है। वर और वधू को आशीर्वाद देने वालों में सभी रिस्तेदारों सहित समाज के कई गणमान्य लोगों ने आशीर्वाद दिया है।
