-शिकायत पर जांच करने पहुंची विभागीय अधिकारियों की टीम
काशीपुर। सिंचाई विभाग के ठेकेदार द्वारा विभाग में आवंटित किए गए बजट में बंदरबांट का आरोप लगाते हुए जांच हेतु मुख्यमंत्री को भेजे गये पत्र के बाद विभागीय जांच के लिए अधिकारियों की टीम आज यहाँ पहुंची है।
रूद्रपुर से पहुंचे सिंचाई विभाग के एसई पीके दीक्षित ने काशीपुर सिंचाई विभाग कार्यालय में आकर मामले से संबंधित दस्तावेजों की जांच की तथा स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अभी जांच जारी है। प्रथम दृष्टया लग रहा है कि नहरों की सफाई नहीं हुई है, लेकिन पूरी तरह से जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्य अभियंता के साथ बीते रोज उन्होंने नहरों का स्थलीय निरीक्षण किया। दरअसल सिंचाई खंड काशीपुर के अंतर्गत नहरों में सिल्ट की सफाई को लेकर विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया की गई थी। विभागीय ठेकेदार अशोक शर्मा का आरोप है कि पिछले वित्तीय वर्षों 2020-21 मंे लगभग 2.50 करोड़, 2021-22 मे लगभग 3.50 करोड़, से अधिक एवं 2022-23 में वर्तमान समय मंे अभी तक 1.25 करोड़ रूपया आवंटित हुआ है।आरोप है कि आवंटित धन की विभागीय अधिकारियों द्वारा बंदरबांट कर ली गयी और नहरों की सफाई नहीं की गई। ठेकेदार अशोक शर्मा ने कहा कि इस खण्ड में पहले से ही पूर्व की योजनाओं की एसआईटी जांच प्रगति पर है तथा इस खण्ड में 2701-अनुरक्षण मद में पहले से ही लगभग 5 करोड़ से अधिक की देनदारी लंबित है। इसके बावजूद सिंचाई खण्ड काशीपुर के अधिशासी अभियन्ता से लेकर कनिष्ठ अभियन्ताओं द्वारा 2701-अनुरक्षण मद में शासन द्वारा प्राप्त धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
