केदारनाथ धाम के पास लैंडिंग के वक्त हेलीकॉप्टर क्रैश
पायलट की सतर्कता और त्वरित निर्णय ने एक बड़ी दुर्घटना को टाला

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम के पास हेलीपैड पर विगत शनिवार को एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। धाम में दर्शन को पहुंचे तीर्थ यात्री अपने मोबाइल फोन से रील्स बना रहे थे, तभी हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। हालांकि, राहत की बात रही कि हेलीकॉप्टर के क्रैश होने पर किसी की भी जान नहीं गई। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि धाम में दर्शन को पहुंचे तीर्थ यात्रियों की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। श्रद्धालुओं को रेस्क्यू करने के लिए हेलीकॉप्टर मंगवाया गया था। लेकिन, केदारनाथ धाम के पास लैंडिंग के वक्त हेलीकॉप्टर क्रैश होकर नीचे गिर गया। हेलीकॉप्टर ने ऋषिकेश के एम्स से उड़ान भरी थी। हेलीकॉप्टर क्रैश के समय पायलट समेत तीन लोग सवार थे। आपको बता दें कि इससे पहले भी केदारनाथ धाम के पास होलीकॉप्टर क्रैश हो चुका है। धाम के आसपास पल-पल बदलता मौसम हेलीकॉप्टर पायलट के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता है। विदित हो कि पिछले 15 दिनों में उत्तराखंड चारधाम यात्रा रूट पर तीन हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। जिला पर्यटन अधिकारी एवं नोडल हेली सेवा प्रभारी राहुल चैबे ने जानकारी देते हुए बताया कि एक महिला श्रद्धालु को केदारनाथ धाम में सांस लेने में अत्यधिक दिक्कत होने पर राज्य सरकार की ‘संजीवनी’ हेली एंबुलेंस सेवा की मदद ली गई थी। हेली में सवार टीम में एम्स से एक डॉक्टर और एक नर्सिंग स्टाफ भी शामिल थे। केदारनाथ धाम के पास मुख्य हेलीपैड पर उतरने से कुछ पहले ही तकनीकी खराबी आने के संकेत मिले, जिसे पायलट ने समय रहते समझ लिया और तय हेलीपैड से पहले ही लैंडिंग करने का प्रयास किया कि इसी दौरान क्रैश लैंडिंग हुई। लैंडिंग के दौरान हेलिकॉप्टर का टेल रोटर टूट गया है। इस घटना की तकनीकी जांच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय डीजीसीए द्वारा की जाएगी, जिससे सही कारणों का पता चल सके। पायलट की सतर्कता और त्वरित निर्णय ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया, जिसकी सराहना हो रही है।

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